1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. RSS शताब्दी समारोह में भाग लेंगे पीएम मोदी, जारी करेंगे विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्मारक डाक टिकट और सिक्का

RSS शताब्दी समारोह में भाग लेंगे पीएम मोदी, जारी करेंगे विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्मारक डाक टिकट और सिक्का

 Reported By: Yogendra Tiwari, Edited By: Akash Mishra
 Published : Sep 30, 2025 12:38 pm IST,  Updated : Sep 30, 2025 12:40 pm IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरएसएस शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। इस मौके पर पीएम विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - India TV Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Image Source : PTI (FILE)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यावी RSS की स्थापना के 100 वर्ष विजयदशमी पर पूरे हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अक्टूबर 2025 को सुबह 10:30 बजे डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री राष्ट्र के प्रति आरएसएस के योगदान को दर्शाने वाला एक विशेष रूप से डिजाइन किया गया स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी करेंगे। साथ ही वे उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करेंगे।

संघ की तरफ से आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले इस दौरान मौजूद रहेंगे। 2025 विजयदशमी से लेकर 2026 विजयदशमी तक संघ शताब्दी वर्ष मनाएगा। 

डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी स्थापना

बता दें कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 में नागपुर, महाराष्ट्र में स्थापित, आरएसएस की स्थापना एक स्वयंसेवक-आधारित संगठन के रूप में की गई थी, जिसका लक्ष्य नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना था।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए एक अनूठा जन-पोषित आंदोलन है। इसके उदय को सदियों के विदेशी शासन के प्रति प्रतिक्रिया के रूप में देखा गया है, और इसके निरंतर विकास का श्रेय धर्म में निहित भारत के राष्ट्रीय गौरव के इसके दृष्टिकोण की भावनात्मक प्रतिध्वनि को दिया जाता है।

संघ का लक्ष्य भारत का सर्वांगीण विकास

संघ का मुख्य जोर देशभक्ति और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण पर है। यह मातृभूमि के प्रति समर्पण, अनुशासन, संयम, साहस और वीरता का संचार करता है। संघ का अंतिम लक्ष्य भारत का "सर्वांगीण उन्नति" (सर्वांगीण विकास) है, जिसके लिए प्रत्येक स्वयंसेवक स्वयं को समर्पित करता है।

पिछली शताब्दी में RSS ने इन क्षेत्रों में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

पिछली शताब्दी में, RSS ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और आपदा राहत के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। RSS के स्वयंसेवकों ने बाढ़, भूकंप और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और पुनर्वास कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। इसके अलावा, आरएसएस के विभिन्न सहयोगी संगठनों ने युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने, जनभागीदारी को बढ़ावा देने और स्थानीय समुदायों को मज़बूत बनाने में योगदान दिया है।

शताब्दी समारोह न केवल आरएसएस की ऐतिहासिक उपलब्धियों का सम्मान करता है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक यात्रा में इसके स्थायी योगदान और राष्ट्रीय एकता के संदेश को भी उजागर करता है।

ये भी पढ़ें- अब ट्रेन से जा सकेंगे भूटान..., पड़ोसी देश के इन दो शहरों तक मिलेगी रेल कनेक्टिविटी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत