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'एक दशक में 1 हजार करोड़ से 39 हजार करोड़ पहुंचा भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट', बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Aug 27, 2026 07:30 pm IST,  Updated : Aug 27, 2026 07:31 pm IST

राजनाथ सिंह ने बताया है कि कैसे पिछले एक दशक में भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग चार गुना बढ़ गई है। इसके अलावा, दूसरे देशों को किया जाने वाला निर्यात भी 1 हजार करोड़ से 39 हजार करोड़ तक पहुंच गया है।

Rajnath Singh Defence Production- India TV Hindi
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत में डिफेंस प्रोडक्शन 4 गुना बढ़ गया है। Image Source : RAJNATH SINGH/X

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एमपी के जबलपुर में आयोजित समारोह में डिफेंस सेक्टर में भारत के आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ते कदमों पर बात की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज (गुरुवार को) कहा कि भारत का Domestic Defence Production पिछले 1 दशक में करीब 4 गुना बढ़कर लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जबकि डिफेंस एक्सपोर्ट बढ़कर लगभग 39 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है। राजनाथ सिंह ने ये बात व्हीकल फैक्टरी जबलपुर में टी-सीरीज के बैटल टैंक्स की मरम्मत और रखरखाव के लिए 472 करोड़ रुपये की लागत वाली सुविधा की आधारशिला रखने के बाद कही।

1 हजार करोड़ से 39 हजार करोड़ पहुंचा डिफेंस एक्सपोर्ट

राजनाथ सिंह ने कहा, 'घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 में 46 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपये हो गया है। इसी प्रकार डिफेंस एक्सपोर्ट भी 2014 के लगभग 1 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 39 हजार करोड़ रुपये हो गया है।'

डिफेंस एक्सपोर्ट 2028-29 तक 50 हजार करोड़ पहुंचाने का है लक्ष्य

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2028-29 तक डिफेंस एक्सपोर्ट को 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का टारगेट रखा है। उन्होंने कहा कि भारत का डिफेंस सेक्टर अब पूर्ण आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

भारत न सिर्फ देश में हथियारों का प्रोडक्शन कर रहा है, बल्कि उनके रखरखाव, मरम्मत और अपग्रेडेशन की क्षमता भी डेवलप कर रहा है: राजनाथ सिंह

आत्मनिर्भरता की ओर भारत का एक और कदम

राजनाथ सिंह ने कहा, 'आज का प्रोजेक्ट आत्मनिर्भरता की कड़ी में एक और अहम कदम है। आने वाले वर्षों में भारत, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के सेक्टर में एक मजबूत देश के तौर पर उभरेगा।' रक्षा मंत्री ने इस टैंक मरम्मत परियोजना को भारत के आत्मनिर्भर इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के लिए अहम उपलब्धि बताया।

जबलपुर में होगी 'T-72' और 'T-90' टैंकों की मरम्मत

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि यह प्रोजेक्ट लोकल लोगों के लिए रोजगार के मौके भी पैदा करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि नई सुविधा निर्धारित समयसीमा में और High Quality Standards के अनुरूप पूरी होगी। इसके अंतर्गत हर साल 'T-72' और 'T-90' के 80 टैंकों की मरम्मत की जाएगी।

इंडियन आर्मी को हर साल होती है 230 टैंकों की मरम्मत की जरूरत

राजनाथ सिंह बोले कि इंडियन आर्मी को हर साल ऐसे लगभग 230 टैंकों की मरम्मत की जरूरत होती है। चेन्नई के अवाडी स्थित Heavy Vehicles Factory फिलहाल सालाना लगभग 150 टैंकों की मरम्मत करती है और व्हीकल फैक्टरी जबलपुर में बनने वाली नई सुविधा बाकी कमी को पूरा करेगी। इससे पहले, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले 12 साल में भारत के डिफेंस सेक्टर में हुए बदलावों और आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति का जिक्र किया

(इनपुट- भाषा)

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