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विलय टूटने पर भड़के अफजाल अंसारी, कहा- ‘सपा को दिखा देंगे औकात’

 Written By: Bhasha
 Published : Jun 28, 2016 07:55 pm IST,  Updated : Jun 28, 2016 08:47 pm IST

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) में अपने दल के विलय को खारिज किये जाने से नाराज कौमी एकता दल (कौएद) के अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने इसे सपा के प्रान्तीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अहंकार का

akhilesh yadav- India TV Hindi
akhilesh yadav

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) में अपने दल के विलय को खारिज किये जाने से नाराज कौमी एकता दल (कौएद) के अध्यक्ष अफजाल अंसारी ने इसे सपा के प्रान्तीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अहंकार का नतीजा बताते हुए आज कहा कि अपनी ब्रांडिंग के लिये उनका अपमान करने वाले अखिलेश ने सपा को हाईजैक कर लिया है।

अंसारी ने गत शनिवार को कौएद के सपा में विलय को निरस्त किये जाने के बाद पहली बार संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी अपनी इस बेइज्जती का बदला आगामी विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल में सपा को उसकी हैसियत बताकर लेगी। उन्होंने कौएद के सपा में विलय का फैसला रद्द करने के लिये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सपा को हाईजैक कर चुके अखिलेश के अहंकार के आगे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के संघर्ष और उनके भाई शिवपाल सिंह यादव की सकारात्मक कोशिशों का कोई मोल नहीं है।

अंसारी ने कहा कि सपा ने ही उनके सामने विलय का प्रस्ताव रखा था और वह कौएद के सपा में विलय को रद्द किये जाने से खुद को बहुत बेइज्जत और आहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, महासचिव शिवपाल यादव और पूर्वांचल के तमाम सपा नेता और मतदाता इस विलय के रद्द होने से बेहद दुखी हैं लेकिन अखिलेश को इसका ख्याल नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूर्वांचल में आगामी विधानसभा चुनाव में अपने संगठन की मौजूदगी वाले 18 जिलों की 44 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी और सपा को उसकी औकात दिखायेगी। अगर पश्चिम में उपयुक्त सियासी साझीदार मिलता है तो कौएद वहां भी चुनाव लड़ने से गुरेज नहीं करेगी। अंसारी ने कहा कि हाल में सम्पन्न राज्यसभा और विधान परिषद के चुनाव में माफिया कहे जाने वाले कौएद विधायक मुख्तार अंसारी और उनके भाई सिबगतउल्ला अंसारी का वोट लेने में सपा को कोई परहेज नहीं था लेकिन काम निकल जाने के बाद मुख्तार माफिया करार दिये जाने लगे।

गौरतलब है कि पिछले मंगलवार को वरिष्ठ सपा नेता कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कौएद के सपा में विलय की घोषणा की थी। इससे नाराज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस विलय में भूमिका निभाने पर मंत्री बलराम यादव को बर्खास्त कर दिया था। बाद में, गत शनिवार को सपा के संसदीय बोर्ड की बैठक में कौएद के सपा में विलय के फैसले को रद्द कर दिया गया था। उसके बाद कल हुए मंत्रिमण्डल विस्तार में बलराम यादव को दोबारा कैबिनेट में शामिल कर लिया गया था।

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