
वर्ष 1988 में हुई थी नोएडा फोबिया की शुरुआत
नोएडा को मनहूस मानने की शुरूआत 1988 में तब हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने नोएडा का दौरा करने के कुछ ही दिनों बाद अपनी सत्ता गंवा दी। बाद में 1997 में मायावती को नोएडा दौरे के बाद सत्ता से हाथ धोना पड़ा। इससे पहले, 1989 में एन डी तिवारी और फिर 1999 में कल्याण सिंह के साथ भी ऐसा ही हुआ।
अक्टूबर 2011 में दलित प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करने नोएडा आई तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती को 2012 के विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवानी पड़ी। अगस्त 2012 में अखिलेश ने लखनउ से ही यमुना एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया और नोएडा नहीं आए। 2013 में उन्होंने गौतमबुद्धनगर का दौरा किए बगैर ही यहां की आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली से ही डीएनडी फ्लाईओवर का उद्घाटन किया, लेकिन नोएडा के दौरे पर नहीं आए।