मुलायम परिवार में मची खींचतान के बीच आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी का सिल्वर जुबली समारोह है। समाजवादी पार्टी के 25 साल पूरे हो रहे हैं और जल्द ही यूपी में चुनाव भी होने वाले हैं। ऐसे इस समारोह को नए चुनावी समीकरण बनाने की कोशिश के रुप में देखा जा रहा है। समारोह लखनऊ का जनेश्वर मिश्र पार्क में हो रहा है और पूरे शहर को पोस्टरों और होर्डिंग से पाट दिया गया है।
समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, आरएलडी प्रमुख अजित सिंह, जेडीयू नेता शरद यादव और केसी त्यागी, आइएनएलडी नेता अभय चौटाला, और नामी वकील राम जेठमलानी आ रहे हैं। ये सभी नेताजी के साथ मंच साझा करेंगे।समारोह में बिहार के सीएम नीतीश कुमार को भी आना था लेकिन, बिहार में छठ पूजा की वजह से वो समारोह में शामिल नहीं हो सकेंगे।
जिन नेताओं को पिछले दिनों सपा से बर्खास्त कर दिया गया है वे इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। खुद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने ऐसे नेताओं की एंट्री पर रोक लगा दी है। इनमें पार्टी के कभी थिंक टैंक माने जाने वाले राम गोपाल यादव भी शामिल हैं जो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी भी है।
समारोह में पार्टी के बड़े नेता आजम खां और महासचिव अमर सिंह के आने पर अब तक सस्पेंस है। अमर सिंह के न आने के पीछे ये वजह बताई जा रही है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमर सिंह के साथ मंच साझा करने से इंकार कर दिया था।
ये जलसा तो पार्टी के सिल्वर जुबली समारोह का है लेकिन असली नजर है अगले साल होने जा रहे विधान सभा चुनाव के मौक़े पर पार्टी के अंदरूनी मतभेद के बीच इस समारोह में एक कोशिश होगी कि मुलायम परिवार जनता को ये जताए कि वो एक जुट हैं।