विजयवाड़ा: नोटबंदी के फैसले के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मोदी सरकार की तारीफों के पुल बांधे थे लेकिन अब पलटी मार ली है। उनका कहना है कि नोटबंदी से जैसी उम्मीद थी वो पूरी नहीं हुई। चंद्रबाबू नायडू का ये भी कहना है कि नोटबंदी के चालीस दिन गुजर जाने के बाद भी समस्या का कोई हल नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि फैसला उम्मीदों पर ख़रा नहीं उतरा है।
नोटबंदी पर अपनी राय बदलते हुए चंद्रबाबू नायडू ने टीडीपी के सांसदों और विधायकों के वर्कशॉप के दौरान कहा, “इतने दिन बाद भी समस्या बरकरार है। समस्या सुलझाने वाले काबिल नहीं हैं और फिलहाल इसका हल नहीं दिख रहा है।
ग़ौरतलब है कि चंद्रबाबू नायडू केंद्र सरकार द्वारा गठित उस 13 सदस्दीय कमेटी के चेयरमैन हैं जिसे नोटबंदी से पैदा हुई समस्याओं को देखने की जिम्मेदारी दी गई है। चंद्रबाबू नायडू ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर फौरी तौर पर सुधार के कदम नहीं उठाए गए तो लोगों की परेशानी लंबे समय तक बनी रही सकती है।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “जैसी मुझे उम्मीद थी, नोटबंदी का वैसा असर नही हुआ। नोटबंदी के 40 दिन बाद भी लोगों को भारी परेशानी का सामना है और अभी इसका कोई हल भी नहीं दिख रहा है।”
आंध्र के सीएम ने कहा, “नोटबंदी अब भी संवदेशनशील और जटिल परेशानी है।”
चंद्रबाबू नायडू का कहना है कि वो हर रोज दो घंटे नोटबंदी से पैदा हुई परेशानी को कम करने में लगाते हैं, अपना दिमाग खपाते हैं, लेकिन वो कोई हल निकालने में नाकाम रहते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “हमने 30 दिन में अगस्त संकट (1984 में पार्टी के भीतर हुए तख्तापलट) का हल निकाल लिया था, लेकिन नोटबंदी अब भी परेशान कर रही है।” उन्होंने कहा कि नोटबंदी और डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए लिए बैंक तैयार नहीं थे।
आपको बता दें कि जब मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोटबंदी का एलान किया थो तो चंद्रबाबू नायडू इसके बड़े समर्थक थे. उन्होंने 12 नवंबर को चिट्ठी लिखकर पीएम मोदी की तारीफ की थी.