दिल्ली सरकार ने वैट बढाकर दिल्ली की जनता से किया धोखा!
दिल्ली में पहले 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 66.62 रुपए थी जो अब दिल्ली सरकार के वैट बढ़ने और फिर तेल कंपनियों के दाम घटाने के बाद 66.90 हो गया। यानि पेट्रोल की कीमत में 2 रुपए की कमी होनी चाहिए थी लेकिन 28 पैसे का इजाफा हो गया। वहीं डीजल की कीमत 50 रुपए 22 पैसे से घट कर 49 रुपए 72 पैसे हुई है, यहां भी दो रुपए की बजाए सिर्फ पचास पैसे की ही राहत मिल पायी।
चुनाव से पहले और सरकार बनाने के बाद केजरीवाल ने वादा किया था कि दिल्ली में वैट दूसरे राज्यों के मुकाबले कम होगा। केजरीवाल ने ऐलान किया था कि दिल्ली में सभी चीजों पर वैट की दरें बढ़ाने की बजाए कम की जाएगीं। हुआ ठीक उल्टा, शुरुआत डीजल-पेट्रोल से हुई है वैट घटने की बजाए बढ़ गया।
विधानसभा में जब वैट की दरें बढ़ाने के लिए मंजूरी ली गयी थी तब दिल्ली के मुख्यमंत्री अऱविंद केजरीवाल ने कहा था कि हमने सिर्फ वैट बढ़ाने की ताकत ली है। इसका इस्तेमाल नहीं किया है। महज 15 दिनों में ही केजरीवाल सरकार ने अपनी ताकत का इस्तेमाल भी कर लिया।
बढ़े दामों पर क्या कहना है आम आदमी पार्टी का!
आम आदमी पार्टी की दलील है कि नोएडा-फरीदाबाद-गाजियाबाद के मुकाबले दिल्ली में डीजल-पेट्रोल की कीमतों में अंतर था। वैट बढ़ाकर दाम बराबर किया गया है ताकि कीमतें एक जैसी रहें लेकिन दिल्लीवालों को ये सफाई रास नहीं आ रही।