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'अशोक सिंघल की जलाई ज्योति आज ज्वाला बन चुकी, हिंदू समाज के संरक्षण में जुटी,' जन्म शताब्दी वर्ष पर बोले CM योगी

 Reported By: Vishal Singh,  Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 27, 2026 05:05 pm IST,  Updated : Sep 27, 2026 05:43 pm IST

जन्म शताब्दी वर्ष पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने लिए नहीं देश के लिए, सनातन धर्म के लिए, सकल हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए, उन्होनें अपने जीवन रूपी यज्ञ को आगे बढ़ाया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ- India TV Hindi
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Image Source : YT/YOGI ADIYANATH

श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता, विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष (1926-2026) के उद्घाटन समारोह के लिए लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उनके जीवन, विचारों और योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में अशोक सिंघल ने जिस ज्योति को प्रज्वलित किया था, वह आज ज्वाला बनकर संपूर्ण हिंदू समाज के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यही उनके जीवन का ध्येय था।

अपने जीवन को एक यज्ञ के रूप में आगे बढ़ाया- सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपना संपूर्ण जीवन देश, सनातन धर्म और समस्त हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने अपने जीवन को एक यज्ञ के रूप में आगे बढ़ाया, जिसका उद्देश्य राष्ट्र और समाज की सेवा करना था। सीएम योगी ने अशोक सिंघल के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा, "तन समर्पित, मन समर्पित, और यह जीवन समर्पित, चाहता हूं देश की धरती तुझे कुछ और भी दूं।"

उनका एक ही ध्येय, सनातन धर्म पर नहीं आने देंगे आंच

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब अशोक सिंघल ने शिक्षा ली, तो उन्होंने काशी विद्या महाविद्यालय से इंजिनियरिंग की डिग्री ली। उन्होंने RSS के प्रचारक के रूप मे काम किया। उनका ध्येय एक ही था, सनातन धर्म पर आंच नहीं आने देंगे। एक विदेशी आक्रांत ने राम जन्मभूमि का ढांचा गिराया।

 पूरा जीवन श्री राम जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए समर्पित

भारत के युवाओं और महिलाओं ने सिर पर कफन बांध कर राम जन्मभूमि को बचाने के लिए टूट पड़े। दर्जनों लोगों ने सालों तक सिर पर साफा नहीं बांधा, क्योंकि लोग विभाजित थे, बंटे हुए थे, नेतृत्व का अभाव था। इस कमी को अशोक सिंघल ने पूरा किया। उन्होंने पूरा जीवन श्री राम जन्मभूमि को मुक्त कराने लिए समर्पित कर दिया।

सिंघल ने गोरखनाथ मंदिर में बच्चों को पढ़ाया

सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में बच्चों को पढ़ाया। उस समय की राम द्रोही सरकार राम भक्तों पर गोलियां चला रही थी, तब भी अशोक सिंघल की आवाज सुनाई दे रही थी। कोई ऐसा कार्य नहीं था, जहां अशोक सिंघल मौजूद न रहे हो। हमें इस बात की संतुष्टि है, उनके नेतृत्व में हम लोगों ने राम मंदिर के लिए संघर्ष किया। आज उनका सपना साकार हो रहा है। 

सनातन धर्म के संरक्षण की प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अशोक सिंघल का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और सनातन धर्म के संरक्षण की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश और समाज के लिए कार्य किया। उनके द्वारा प्रज्वलित की गई ज्योति आज भी समाज के संरक्षण और संवर्द्धन के संकल्प को आगे बढ़ा रही है।

उनके विचारों को याद करना उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने जैसा

उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल के जीवन और उनके विचारों को याद करना उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का अवसर है। उनके जन्म शताब्दी वर्ष का आयोजन उनके राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण को स्मरण करने तथा आने वाली पीढ़ियों तक उनके विचारों को पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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