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JD (U) ने बीजेपी पर जमीन की खरीद में नकद भुगतान का आरोप लगाया

 Written By: IANS
 Published : Nov 26, 2016 09:03 pm IST,  Updated : Nov 26, 2016 09:04 pm IST

भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा बिहार के कई जिलों में भूखंड खरीदे जाने को लेकर निशाना साध रही सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड) ने एक बार फिर कहा कि भाजपा द्वारा भूखंड खरीदे जाने में बड़े पैमाने पर कालेधन का उपयोग हुआ।

Shrad Yadav- India TV Hindi
Shrad Yadav

पटना: भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा बिहार के कई जिलों में भूखंड खरीदे जाने को लेकर निशाना साध रही सत्ताधारी जनता दल (युनाइटेड) ने एक बार फिर कहा कि भाजपा द्वारा भूखंड खरीदे जाने में बड़े पैमाने पर कालेधन का उपयोग हुआ। जद (यू) ने आरेप लगाया कि जमीन खरीद में बड़े पैमाने पर नकद भुगतान किया गया तथा सर्किल रेट के मुकाबले जमीन की काफी कम कीमत के दस्तावेज बनवाए गए। इधर, भाजपा ने एक बार फिर इन सभी आरोपों को खारिज किया है। 

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जद (यू) के प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह, नीरज कुमार और राजीव रंजन प्रसाद ने संयुक्त रूप से पटना में पत्रकारों को बताया कि भाजपा द्वारा सर्किल रेट से कम कीमत का बिक्री कागजात बनवाने से स्पष्ट संदेह होता है कि जमीन खरीद के लिए बड़े पैमाने पर गुप्त रूप से भी भुगतान किया गया। ये गुप्त भुगतान कालाधन के अलावा और कुछ नहीं हो सकता है। जदयू प्रदेश प्रवक्ताओं ने कहा, "नोटबंदी के पहले भाजपा द्वारा किए गए ये नकद भुगतान इस बात की ओर स्पष्ट इशारा करते हैं कि पार्टी को नोटबंदी की पहले से जानकारी थी और 500 अैर 1000 के पुराने नोट बड़े पैमाने पर खपाने के लिए नोटबंदी के पहले ये सारी डील पूरी कर ली गई।"

प्रवक्ताओं ने सवालिया लहजे में कहा कि भाजपा नेताओं को बताना चाहिए कि क्या उन लोगों ने नोटबंदी के ही कारण हड़बड़ी में सारी जमीन डील जल्दी-जल्दी नहीं की? इसी प्रकार, उन्हें यह भी जनता को बताना चाहिए कि सर्किल रेट से कम में खरीद बताई गई जमीन के लिए इन लोगों ने किसको तथा कितना गुप्त भुगतान किया और इसका बेहिसाबी रुपया कहां से आया?

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इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "सत्ता में बैठे लोगों को जब यह भी नहीं पता कि जमीन का भुगतान बैंक ड्राफ्ट से किया गया है, जिसमें कालेधन का उपयोग नहीं हो सकता तो इसपर मुझे कुछ नहीं कहना।" उन्होंने कहा कि सभी भुगतान बैंक से किए गए हैं। इसमें छिपाने की कोई चीज है ही नहीं। यह तो देखने की चीज है। उन्होंने कहा कि क्या जमीन रजिस्ट्री के लिए कालेधन का उपयोग हो सकता है?

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​बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शुक्रवार को कहा था कि संगठन विस्तार के लिए प्रत्येक जिले में पार्टी कार्यालय खोलने की योजना पूर्व से है। इस संबंध में कई जिलों में भूखंड खरीदी गई है। उन्होंने कहा था कि इसमें छिपाने की कोई बात नहीं है। सभी लेन-देन बैंक के जरिए बैंक ड्राफ्ट से की गई है। जमीन खरीदने की यह प्रक्रिया पिछले डेढ़ साल से किया जा रहा है और बाकी जिलों में आगे जमीन खरीदने की प्रक्रिया जारी है। 

 

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