नयी दिल्ली: राज्य सभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि मोदी सरकार अगले साल के अंत तक जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली संविधान की धारा को ख़त्म कर देगी और इस साल के अंत तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरु कर देगी।
स्वामी सोमवार को यहां इंडिया टीवी मेगा कॉन्क्लेव संवाद में मोदी सरकार मुसलमान सुरक्षित? विषय पर चर्चा कर रहे थे जिसमें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी हिस्सा लिया। स्वामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया में कहीं मुसलमान अगर सुरक्षित हैं तो वो है भारत। ओवैसी के इस सवाल पर कि सरकार ने कश्मीरी पंडितों को वापस कश्मीर लाने के लिए क्या किया, स्वामी ने कहा कि पहले उन्हें (कश्मीरी पंडित) ये भरोसा दिलाना होगा कि वे घाटी में सुरक्षित रहेंगे तभी उनकी वापसी हो सकती है।
स्वामी ने जहां देश में समान आचार संहिता लागू करने की वकालत की वहीं ओवैसी ने कहा कि तरह-तरह की भाषा, संस्कृति और धर्मों वाले देश में समान आचार संहिता लागू करना संभव नहीं है। स्वामी के इस तर्क पर कि जब मुसलमानों को भारतीय न्याय दंड संहिता पर ऐतराज़ नहीं है तो फिर समान आचार संहिता में क्या दिक्कत है, ओवैसी ने कहा कि भारतीय न्याय दंड संहिता भी पूरी तरह निष्पक्ष रुप से लागू नहीं है क्योंकि मुंबई बम ब्तास्ट में तो एक महिला को उम्र क़ैद इसलिए हो जाती है क्योंकि हथियारों को इघर-उघर पहुंचाने में उनकी मारुति वैन का इस्तेमाल किया गया था लेकिन मालेगांव ब्लास्ट की मुख्य आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को NIS क्लीन चिट दे देती है हालंकि ब्लास्ट में उनकी मोटर साइकल का इस्तेमाल हुआ था।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार एक तरफ तो सबका साथ सबका विकास की बात करती है वहीं दूसरी तरफ उसने मदरसे के आधुनिकीकरण के बजट में 130 करोड़ रुपये की कटौती कर दी।
भारत माता की जय के मसले पर औवैसी ने कहा कि संविधान में ऐसे किसी नारे का ज़िक्र नहीं है और मुसलमानों पर कोई बात थोंपी नही जा सकती।