नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को पूर्व राज्यपाल के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को गिराने का प्रयास किया था। यह मुद्दा राज्यसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता नरेश अग्रवाल ने उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल को उनके राज्य की सरकार गिराने के निर्देश दिए थे।
शून्यकाल के दौरान मुद्दे को उठाते हुए सपा नेता ने कहा, "उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल ने बयान दिया है कि केंद्र सरकार दोनों राज्यों की सरकार को भंग करने के लिए उन पर दबाव बना रही थी, जिसमें से एक सरकार कांग्रेस और दूसरी समाजवादी पार्टी की है।"
उन्होंने कहा, "अनुच्छेद 356 हमेशा विवादित रहा है। यह गंभीर विषय है कि पूर्व राज्यपाल कह रहे हैं कि उन्हें सरकार गिराने को कहा गया था। क्या सरकार अपने प्रतिनिधि के जरिए सरकार चला रही है?"
केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने हालांकि, इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
नकवी ने कहा, "जो मुद्दा उठाया गया है.. बयान सच्चाई से परे और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।"
मिजोरम के राज्यपाल पद से हटाए गए अजीज कुरैशी हाल ही में फिर से कांग्रेस से जुड़ गए हैं, और उनका कहना है कि जब वह दोनों राज्यों के राज्यपाल थे तो उन्हें उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में क्रमश: हरीश रावत और अखिलेश यादव की सरकार को गिराने को कहा गया था।
संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाते हैं। यह अनुच्छेद राज्य में संवैधानिक मशीनरी की विफलता से निपटता है।