नई दिल्ली: मुज़फ्फरनगर में लोकसभा चुनाव के दौरान चुनावी सभा में आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को नामज़द करते हुए तत्कालीन एसडीएम बाबुराम ने थाना ककरौली में मुकदमा पंजीकृत कराया था। पुलिस ने इसमें अमित शाह को क्लीनचिट देते हुए कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार इस मुकदमे में अमित शाह के खिलाफ पुलिस को कोई साक्ष्य नही मिले हैं।
2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रचार के लिए बीजेपी राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह ने कई जनसभाएं की थीं। इसी क्रम में 4 अप्रैल 2014 को एक जनसभा को संबोधित करने ककरौली थाना क्षेत्र के गाँव जड़वड कटिया पहुँचे थे, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया था। उसकी परमिशन पहले ही ले ली गई थी। आरोप लगाया गया था कि अमित शाह ने उस जनसभा में आपत्तिजनक भाषण दिया था औऱ आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में जानसठ के तत्कालीन एसडीएम बाबुराम ने ककरौली थाने में अमित शाह को नामज़द किया था, जिसमें पुलिस ने अमित शाह पर धारा 188,123(3) जन लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। तब से ये मामला विचारधीन चल रहा था।
अब पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद अमित शाह को क्लीनचिट देते हुए कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। पुलिस की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार इस मुकदमे में अमित शाह के खिलाफ पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। अमित शाह के वकील चंद्रवीर सिंह का कहना है की ये एफआईआर ही बेसलेस थी, क्योंकि 4 अप्रैल 2014 को मान्य अमित शाह जी जानसठ तहसील के गांव जड़वड़ कटिया में आये थे, जहां उनकी जनसभा हुई थी। जनसभा के लिए अनुमति ली गई थी और जिनके द्वारा जनसभा करने की अनुमति दी गई थी, उन्हीं के द्वारा ये रिपोर्ट करायी गई थी। अब इस मामले में क्लीन चिट मिल चुकी है। पुलिस ने न्यायालय में आकर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी है कि अमित शाह के खिलाफ कोई भी साक्ष्य विवेचना अधिकारी को विवेचना के दौरान नहीं पाया गया। इसलिए अमित शाह जी के खिलाफ ये लिखकर के ये बेसलेस है इनके खिलाफ कोई आरोप नही बनता है इसलिए क्लीन चिट दी है।