नयी दिल्ली,लखनऊ: कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में समान विचारधारा वाली सपा जैसी पार्टियों के साथ चुनाव से पहले गठबंधन किए जाने की संभावना से आज इनकार नहीं किया। वहीं, इसकी मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित ने युवा अखिलेश यादव के पक्ष में इस मुकाबले से हटने की पेशकश की है।
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उप्र सहित पांच राज्यों के लिए चुनाव की तारीखों की घोषणा के शीघ्र बाद कांग्रेस ने फासीवादी ताकतों को सत्ता में आने से रोकने के लिए सपा के साथ अपने गठबंधन के विकल्प खुले रखने के संकेत दिए। कांग्रेस प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने संवाददाताओं को बताया कि पार्टी राज्य में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है क्योंकि गठबंधन पर कोई बातचीत नहीं हुई है ना ही इस पर आज कोई सहमति बन पाई। लेकिन समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ वह हाथ मिलाने को तैयार है।
उन्होंने कहा, लेकिन जब फासीवादी और साम्प्रदायिक ताकतों को शिकस्त देने के लिए समान विचार वाली पार्टियों के साथ एकजुट होने का मुद्दा आएगा तब कांग्रेस आलाकमान इस विषय पर कोई फैसला करेगा। गोहिल ने चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा का स्वागत किया और कहा, कांग्रेस पार्टी इन राज्यों में मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, हम मतदाताओं के आशीर्वाद से चार राज्यों में आश्वस्त हैं, हम सरकार गठित करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी को किसान यात्रा के दौरान लोगों का अपार समर्थन मिला।
गठबंधन होने पर अपनी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर शीला ने कहा कि सपा के साथ गठबंधन की अपुष्ट खबरें हें। यदि ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर मैं उत्तर प्रदेश में एक युवा मुख्यमंत्री देखना चाहुंगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अखिलेश से ही सिर्फ सुना है कि कांग्रेस और उनकी पार्टी के बीच गठबंधन होता है तो नतीजे अच्छे होंगे।