नई दिल्ली: कांग्रेस ने 5 राज्यों में चुनाव परिणामों पर निराशा जताई क्योंकि पार्टी अपने शासन वाले केरल तथा असम में हार गई है तथा पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में गठबंधन के बावजूद यह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने परिणामों को निराशाजनक कहा, लेकिन यह भी कहा कि परिणाम अप्रत्याशित नहीं हैं। उन्होंने असम में पार्टी की हार का कारण लोगों की बदलाव की इच्छा को बताया जहां तीन कार्यकाल से मुख्यमंत्री तरूण गोगोई कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.सी. चाको ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि हार के लिए वह दोषी नहीं हैं। विधानसभा चुनावों में रणनीति बनाने की जिम्मेदारी राज्य पार्टी की होती है। कांग्रेस पहले भी हार के बाद वापसी कर चुकी है और हम फिर वापसी करेंगे।
कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव के नतीजों पर कहा कि, हम विनम्रता के साथ लोगों का फैसला स्वीकार करते हैं, लोगों का विश्वास जीतने तक कड़ी मेहनत करते रहेंगे। मैं चुनाव जीतने वाले दलों को शुभकामनाएं देता हूं।
मनीष तिवारी ने कहा, परिणाम निराशाजनक हैं, लेकिन अप्रत्याशित नहीं हैं। 15 साल बाद केरल शायद बदलाव चाह रहा था, केरल क्रमिक है।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और माकपा गठबंधन के सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए खतरा उत्पन्न करने में विफल रहने पर उन्होंने कहा कि परिणाम के बावजूद कांग्रेस और वाम के बीच गठबंधन अत्यंत स्वाभाविक है।
तिवारी की टिप्पणी तब आई जब मतगणना के रूझानों से संकेत मिला कि असम में भाजपा सरकार बनाती प्रतीत हो रही है और कांग्रेस केरल में भी हार रही है तथा तृणमूल कांग्रेस और अन्नाद्रमुक क्रमश: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आसानी से सत्ता बरकरार रखने की ओर बढ़ रही हैं।