नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर किए गए मानहानि के उस मुकदमे को खारिज कर दिया, जो बीते साल संसदीय चुनावों के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और महात्मा गांधी की हत्या के बारे में उनके भाषण को लेकर दायर किया गया था। महाराष्ट्र की निचली अदालत में दायर मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगाते हुए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायायधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा एवं न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी. पंत की पीठ ने आरएसएस के कार्यकर्ता राजेश कुंते को नोटिस जारी किया।
कुंते ने ही राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि की प्रक्रिया शुरू की थी।
कुंते के अलावा केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को भी न्यायालय ने नोटिस जारी किया।
न्यायालय ने केंद्र, महाराष्ट्र सरकार और कुंते को नोटिस का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है, साथ ही राहुल गांधी को भी मुकदमे का प्रत्युत्तर देने के लिए अतिरिक्त दो सप्ताह का समय दिया है।
न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ जुलाई की तारीख तय की है। न्यायालय से साफ तौर पर कहा कि राहुल की याचिका का जवाब नहीं सौंपे जाने की सूरत में भी अंतिम सुनवाई की तारीख नहीं बदली जाएगी।
न्यायालय ने राहुल की याचिका को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यन स्वामी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पहले से लंबित मामले के साथ जोड़ते हुए कहा कि मामले में सिर्फ प्रावधानों की वैद्यता की जांच करेगा, जिससे आपराधिक मानहानि का मुकदमा बना है और वह मामले के गुण-दोष नहीं देखेगा।