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इमरजेंसी के ‘काले दौर’ के बारे में सामग्री पाठ्य पुस्तकों में शामिल की जाएगी: प्रकाश जावड़ेकर

 Reported By: Bhasha
 Published : Jun 25, 2018 11:35 pm IST,  Updated : Jun 25, 2018 11:35 pm IST

इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाने की घोषणा की थी। भाजपा मुख्यालय में यहां एक कार्यक्रम में मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल पर कुछ अध्याय और स्तंभ हैं, उसकी समीक्षा की जाएगी और इस काले अध्याय और देश में लोकतंत्र पर हमले को पुस्तकों में और जगह दी जाएगी, ताकि नई पीढ़ी को जागरूक किया जा सके...

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नई दिल्ली: आपातकाल को ‘काला अध्याय’ और देश में लोकतंत्र पर हमला बताते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज कहा कि उनका मंत्रालय इसपर कुछ सामग्री पाठ्य पुस्तकों में शामिल कराने पर काम करेगा, ताकि नई पीढ़ी को इस बारे में जागरूक किया जा सके।

आपातकाल के दौरान जेल गए पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के लिये आयोजित दिल्ली भाजपा के एक कार्यक्रम में जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश में प्रेस और न्यायपालिका की स्वतंत्रता के बारे में बात करने से पहले ‘माफी’ मांगनी चाहिए।

गौरतलब है कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाने की घोषणा की थी।

भाजपा मुख्यालय में यहां एक कार्यक्रम में मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल पर कुछ अध्याय और स्तंभ हैं, उसकी समीक्षा की जाएगी और इस काले अध्याय और देश में लोकतंत्र पर हमले को पुस्तकों में और जगह दी जाएगी, ताकि नई पीढ़ी को जागरूक किया जा सके। हम इसपर निश्चित रूप से काम करेंगे।’’

जावड़ेकर ने कहा कि आपातकाल अब महज शब्द लगता है, लेकिन यह वास्तव में ‘बहादुरी की कहानी’ और ‘संघर्ष का उत्सव’ है, जो पाबंदियों और अधिकारों में कटौती के दौर को खत्म करने के लिए लड़ा गया था।

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