नई दिल्ली: फर्जी डिग्री मामले में फंसे दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को बिहार के भागलपुर की तिलका मांझी यूनिवर्सिटी में छात्रों के जमकर विरोध का सामना करना पड़ा। छात्रों ने विरोध करते हुए तोमर पर अंडे और टमाटर फेंके।
फैजाबाद से लेकर बिहार के भागलपुर तक उनकी हर डिग्री को यूनिवर्सिटी फर्जी बता रही है। लेकिन आम आदमी पार्टी अभी भी तोमर को बचाती हुई नज़र आ रही है।
फर्जी डिग्री मामले में आज आम आदमी पार्टी ने तोमर की डिग्री की जांच पार्टी के आंतरिक लोकपाल को सौंप दी है। संजय सिंह ने आंतरिक लोकपाल को जांच सौंपते हुए कहा कि, इस मामले में कई तरह की आशंकाए हैं।
पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया है कि दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री को आप से निष्कासित किया जा सकता है क्योंकि शीर्ष स्तर पर ऐसा महसूस किया जा रहा है कि इस मुद्दे पर उन्हें अंधेरे में रखा गया।
आप के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, हमारी ऐसे मुद्दों पर कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। उन्हें काफी मौके दिये गए लेकिन आमतौर पर ऐसा महसूस किया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी को भ्रमित करने का प्रयास किया। ऐसी संभावना है कि उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए।
पार्टी नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे को आप के आंतरिक लोकपाल के समक्ष भेजा गया है और उसकी रिपोर्ट के बाद ही कोई कार्रवाई की जायेगी।
आप के आंतरिक लोकपाल में पूर्व आईपीएस अधिकार एन दिलीप कुमार, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल :सीआईएसएफ: के पूर्व डीजी राकेश सिन्हा और शिक्षाविद् एस पी वर्मा शामिल हैं।
आप नेताओं ने कहा, आरविंद केजरीवाल बहुत परेशान हैं। उन्हें :तोमर को: काफी मौके दिये गए। उन्होंने कुछ दस्तावेज और आरटीआई भी पेश किये और प्रत्येक व्यक्ति को संतुष्ट करने का प्रयास किया। लेकिन आप लगातार झूठ नहीं बोल सकते।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि जब उनकी स्नातक डिग्री से जुड़ा मुद्दा उभरा, आप ने पाया कि यह मामला कुछ संदेहास्पद है।
उन्होंने कहा कि जब हमने पूरे प्रकरण पर उनसे बेदाग निकलने को कहा, तब उन्होंने कहा कि यह उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश है। हमने उनकी डिग्रियां देखीं और वह सही लग रही थीं। हमने उन्हें संदेह का लाभ दिया।
पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने कहा कि अब स्नातक डिग्री का मुद्दा सामने आया है। हमें विभिन्न स्रोतों से उनकी डिग्री के बारे में जानकारी मिली है। इसके कारण पार्टी असहज स्थिति में आ गई है।
ऐसी खबरें हैं कि पार्टी ने तोमर के वकील के तौर पर अपने कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख एच एस फुल्का की सेवाएं वापस ले ली हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि फुल्का अभी लंदन में हैं।
दिल्ली के त्रिनगर से विधायक 49 वर्षीय तोमर को कथित फर्जी डिग्री मामले में दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।