नई दिल्ली: केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठा रही है और सभी धर्मों और जातियों के लोग अपनी पूरी ताकत के साथ आतंकवादी ताकतों से लड़ेंगे। कश्मीर के मुद्दे, बाबरी मस्जिद ढहाए जाने और गुजरात एवं मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे का बदला लेने की आतंकवादी समूह आईएस की कथित धमकी वाले वीडियो के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने यह बात कही।
केन्द्रीय गृहमंत्री ने यहां आयोजित अंतरराष्ट्रीय बुद्ध पूर्णिमा दिवस समारोह से इतर पत्रकारों से कहा, इस देश को सुरक्षित रखने के लिए जो कदम उठाने की आवश्यकता है, हम उठा रहे हैं। और मैं महसूस करता हूं कि इस देश के लोगों में भरोसे की भावना है। सभी जातियों, धर्मो के लोग अपनी पूरी शक्ति के साथ आतंकवादी ताकतों से संघर्ष करेंगे। समारोह में हिस्सा ले रहे गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि आतंकवादी संगठनों के दुष्प्रचार वीडियो देश को लोगों को प्रभावित नहीं कर पाएंगे।
रिजिजू ने कहा, इस तरह के प्रोपेगंडा वीडियो आते रहते हैं। आईएसआईएस या जो कोई भी इस तरह की चीजों का प्रोपेगंडा कर रहा है, वह भारत के लोगों के दिमाग को प्रभावित नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा, भारत के लोगों ने फैसला किया है कि वे देश में इस तरह की गतिविधियों को जड़ जमाने का मौका नहीं देंगे। सिंह ने इस मौके पर अपने भाषण में कहा, इन दिनों लोगों के बीच, समाज और धर्म के बीच संघर्ष बढ़ रहे हैं। इन संकटों का हल बुद्ध के संदेश में पाया जा सकता है।
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा, इसमें आतंकवाद और चरमपंथ का भी समाधान है। अगर सभी अहिंसा में यकीन करना शुरू कर दें तो कैसे इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती है? सिंह ने कहा कि कोई धर्म किसी और धर्म को नही काटता, बल्कि वे एक दूसरे के पूरक हैं। केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा, मैं जानता हूं कि कुछ अलगाववादी तत्व समुदायों के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।
सिंह ने कहा, हिंदू धर्म में भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है। इस तरह, उनकी जयंती ना सिर्फ बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि हिंदुओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बीआर अंबेडकर भी बौद्ध धर्म से प्रभावित थे और इसीलिए उन्होंने उसे एक धर्म की तरह स्वीकार किया। करूणा, अहिंसा और शांति के बुद्ध के मूल्य भारतीय संविधान में प्रतिबिंबित होते हैं जिसे अंबेडकर ने बनाया था। उन्होंने कहा, जो इतिहास को जानते हैं वे जानते हैं कि भारत में पहला गणराज्य बुद्ध की वैशाली था।