नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के खिलाफ अपना अभियान वापस लेने वाली लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा गुरमेहर कौर को मंगलवार को कॉलेज शिक्षकों से स्पष्ट और खुला समर्थन मिला। अंग्रेजी विभाग के शिक्षकों ने एक बयान में कहा, "हम स्पष्ट रूप से और दृढ़ता के साथ हमारी छात्रा गुरमेहर कौर और हमारे विश्वविद्यालय को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर उसकी राय व्यक्त करने के अधिकार का समर्थन करते हैं।"
उन्होंने कहा, "गुरमेहर के शिक्षक के रूप में यह हमारे लिए बहुत संतुष्ट करने वाली बात है कि उसने चुप रहने के बजाए इन घटनाओं पर बेहद संवेदनशीलता, रचनात्मकता और बहादुरी के साथ प्रतिक्रिया दी।"
उन्होंने कहा, "हमें लगता है कि शैक्षिक संस्थानों का परम कर्तव्य है कि वह छात्रों को हिंसक प्रतिक्रिया के भय के बिना शिक्षित करने के साथ ही उनमें संवेदनशीलता, प्रतिक्रिया और महत्वपूर्ण सोच का विकास करें।"
एक भारतीय नागरिक के रूप में अपने कर्तव्य को पूरा करने के लिए 20 वर्षीय गुरमेहर की प्रशंसा करते हुए शिक्षकों ने क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग व अभिनेता रणदीप हुड्डा द्वारा गुरमेहर का मजाक बनाने की आलोचना की।
बयान के अनुसार, "गुरमेहर ने जिस तरह की हिंसा और क्रूरता के खतरों का सामना किया, उसकी निंदा की जानी चाहिए। सहवाग और हुड्डा जैसी हस्तियों की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं गुरमेहर को उन हिंसक तत्वों से मिली धमकियों को शर्मनाक रूप से महत्वहीन बनाना हैं जिनकी क्रूरता का हाल में विश्वविद्यालय गवाह बना है।"
शिक्षकों ने हर किसी से युवा भारतीयों को बगैर डरे सोचने और अपने विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता देने की अपील की।
कारगिल युद्ध में मारे गए सैन्य अधिकारी की बेटी गुरमेहर ने दुष्कर्म और हत्या की धमकी मिलने के बाद कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के खिलाफ अपने अभियान को वापस ले लिया है।
आरएसएस से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी पर पहले रामजस कॉलेज में आयोजित एक सेमिनार को जबरन रद्द कराने और बाद में छात्रों, शिक्षकों व पत्रकारों पर हमला करने का आरोप है।