उत्तर प्रदेश: दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की फर्जी डिग्री और अंक पत्र विवाद के आलोक में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठतम IAS अधिकारी ने कहा कि राज्य में विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और नौकरशाहों की डिग्रियों और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का पुनर्सत्यापन किया जाना चाहिए।
IAS अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा, उत्तर प्रदेश फर्जी डिग्रियों के मामलों में प्रथम स्थान पर आ सकता है और नेताओं की डिग्रियां यदि सत्यापन के लिए भेजी गयीं तो कई नेताओं को अपने पद गंवाने पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा, मई में लखीमपुर खीरी जिले में 29 शारीरिक शिक्षण शिक्षक फर्जी डिग्रियों के साथ गिरफ्तार किए गए और इन्हीं पदों के लिए 47 आवेदक फर्जी बीपीएड अंकपत्र के साथ पुलिस द्वारा पकड़े गए। 45 फर्जी बीए डिग्री के साथ पुलिस द्वारा पकड़े गए।
इसी तरह उन्होंने कई और उदाहरण गिनाए।