श्रीनगर: जुमे की नमाज़ से पहले कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए कश्मीर के अनेक स्थानों में आज फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया। सुरक्षा बलों के हाथों हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद शुरू हुये विरोध प्रदर्शनों से घाटी में लगातार 63वें दिन भी जनजीवन प्रभावित रहा। अभी तक 73 लोगो की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुये हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया, जुमे की नमाज़ के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन की आशंका से एहतियाती तौर पर घाटी के प्रमुख शहरों और श्रीनगर के अनेक स्थानों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर की गर्मियों की राजधानी श्रीनगर और अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, पांपोर, अवंतीपुरा, त्राल, बारामुला, पट्टन और पलहल्लन शहरों समेत कुल 14 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा शेष घाटी में लोगों की आवाजाही और एक स्थान पर एकत्रित होने को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
कर्फ्यू और अलगाववादियों के बंद के आह्वान के कारण घाटी का जनजीवन बाधित है। राज्य में दुकानें, व्यावयायिक प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप बंद हैं। अलगाववादियों की ओर से कल शाम छह बजे हड़ताल में 12 घंटे की छूट दिये जाने की घोषणा के बाद श्रीनगर और अन्य इलाकों के बाजार कल शाम देर तक खुले रहे। अलगाववादियों ने बंद का अपना कार्यक्रम 16 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। घाटी के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षिक संस्थान भी बंद रहे। पिछले चार दिनों से सरकारी कार्यालयों और बैंकों में कर्मचारियों की उपस्थिति में कुछ बढ़ोतरी देखी जा रही थी, जबकि कर्फ्यू और हिंसा की आशंका के कारण आज कर्मचारियों की उपस्थिति फिर से कम हो गयी। सड़कों और गलियों में पिछले कुछ दिनों से निजी वाहनों की आवाजाही बढ़ गयी थी। आज वह फिर से कम हो गयी। सड़कों से यातायात के साधन भी नदारद रहे।