अमृतसर: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेवा कर पार्टी की ओर से गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी पर माफी मांगी। केजरीवाल आधी रात को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में थे। रात तीन बजे वह स्वर्ण मंदिर में भूलबक्श यानी माफी मांगने के लिए पहुंचे थे। लेकिन वहां वो बर्तन साफ करने को लेकर नए विवाद में घिर गए हैं।
स्वर्ण मंदिर में अरविंद केजरीवाल बर्तन साफ करते नज़र आए। हालांकि तस्वीरों में साफ नज़र आ रहा है कि केजरीवाल साफ बर्तनों को दोबारा साफ कर रहे हैं। दरअसल सेवा देने के लिए केजरीवाल ने जिन बर्तनों को साफ किया असल में वो पहले से ही साफ बर्तन थे। यानी साफ बर्तन को ही साफ करके केजरीवाल भूल की माफी के लिए अपनी सेवा दे रहे थे।
पश्चाताप के मकसद से केजरीवाल बीती रात को अमृतसर पहुंचे और आज तड़के तीन बजे स्वर्ण मंदिर जाकर सेवा में जुट गए। उन्होंने स्वर्ण मंदिर में 45 मिनट बिताए और बर्तन धोए। इसके बाद उन्होंने स्वर्ण मंदिर में जाकर मत्था टेका और अरदास की। स्वर्ण मंदिर के बाहर वह संगमरमर की फर्श पर करीब आधा घंटा बैठे रहे और शबद कीर्तन सुना।

उन्होंने यहां सवांददाताओं को बताया, पार्टी के युवा घोषणा पत्र में अगर हमने जाने अनजाने में भूलवश कोई गलती की है तो मैं यहां भूलबक्श के लिए सेवा देने आया हूं। मैंने यहां शबद कीर्तन सुना जिससे मुझे असीम शांति मिली। अब मेरे मन को शांति महसूस हो रही है।
केजरीवाल के साथ आप के प्रवक्ता आशीष खेतान, आप पंजाब के संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर, युवा नेता हरजोत बैंस, सांसद भगवंत मान एवं साधू सिंह, गायक गुरप्रीत सिंह गुग्गी, दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह, अभिनेत्री गुल पनाग और वकील एच एस फुल्का भी शामिल थे। बता दें कि अमृतसर की पुलिस ने खेतान के खिलाफ धारा 295-ए (धार्मिक भावनाएं आहत करने) के तहत मामला दर्ज किया था।
बता दें कि 3 जुलाई को अमृतसर में अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी हुआ था। आरोप है कि आप नेता आशीष खेतान ने घोषणापत्र की तुलना गीता,बाइबल, गुरु ग्रन्थ साहिब जैसे धार्मिक ग्रंथों से की थी। इतना ही नहीं घोषणा पत्र पर स्वर्ण मंदिर के साथ झाड़ू की एक तस्वीर को लेकर भी सिख संगठनों ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया।