नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फर्जी डिग्री मामले में दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र सिॆह तोमर को तलब किया है। बिहार यूनिवर्सिटी ने हाई कोर्ट में हलफ़नामा दायर कर कहा है कि तोमर का सर्टिफ़िकेट जाली है और उनके रिकार्ड में इसका कोई उल्लेख नही है।
जितेंद्र सिॆह तोमर पर दिल्ली चुनाव में नामांकन के वक्त फर्जी डिग्री दिखाने का आरोप है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार केजरीवाल से मुलाकात के बाद तोमर से मंत्री पद छीना जा सकता है हालंकि पार्टी ने अभी इस बात की पुष्टि नही की है।
अगर तोमर पर लगे आरोप सही साबित होते हैं तो उनकी विधान सभा सदस्यता ख़त्म हो सकती है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने के बाद से तोमर पर फ़र्ज़ी प्रमाण-पत्र के आरोप लग रहे हैं। तब उन्होंने कहा था कि उनके ख़िलाफ़ कोर्ट में दायर दस्तावेज़ फ़र्ज़ी हैं।
इससे पहले सोमवार को तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय ने दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि तोमर द्वारा एलएलबी में दाखिला लेने के लिए विश्वविद्यालय में प्रस्तुत किए गए स्नातक के प्रोविजनल सर्टिफिकेट फर्जी हैं और विश्वविद्यालय ने तोमर नाम से कोई सर्टिफिकेट जारी ही नहीं किया है।
हलफनामे के मुताबिक तोमर ने 18 मई, 2001 को रजिस्ट्रार राजेंद्र प्रसाद सिंह के हस्ताक्षर से जारी प्रोविजनल सर्टिफिकेट नंबर 3687 को अपना दिखाया है। इसमें तोमर को द्वितीय श्रेणी में पास दिखाया गया है लेकिन अवध विश्वविद्यालय से इस नंबर का प्रमाणपत्र तोमर को नहीं बल्कि 29 जुलाई, 1999 को किसी अन्य संजय कुमार चौधरी को बीए आनर्स राजनीति विज्ञान की परीक्षा के लिए जारी किया गया है।