पणजी: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने 1994 के विधानसभा चुनाव में पणजी से पहली जीत का थोड़ा श्रेय गोवा की मशहूर कैरामबोलिम झील के कमल के फूलों को दिया। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने एक बेहद ही दिलचस्प घटना का जिक्र किया।
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उन्होंने कहा, ‘कैरामबोलिम झील की अहमियत है। जब मैं पहली बार पणजी से चुनाव लड़ रहा था तो चुनाव के दिन सुबह करीब साढ़े चार बजे कैरामबोलिम झील (जो आमतौर पर कमल के फूलों से भरी रहती है जो बीजेपी का चुनाव चिन्ह भी है) के पास कार्यकर्ताओं का एक समूह आया। उन्होंने कहा कि वे झील में कूद गए और कमल के फूल से बोरियां भर के लाए। जब मतदान शुरू हुआ तो उन्होंने मतदाताओं को मतदान करने से पहले कमल का फूल दिया। पर्रिकर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इस वजह से मुझे कम से कम 500 अतिरिक्त मत मिले।’ पर्रिकर शुक्रवार को कुमभारजुआ निर्वाचन क्षेत्र में विजय संकल्प रैली को संबोधित कर रहे थे जहां मशहूर कैरामबोलिम झील है।
पूर्व मुख्यमंत्री पर्रिकर ने विश्वास जताया कि जब अगले साल गोवा में विधानसभा चुनाव होंगे तो बीजेपी (40 में से) 26 से ज्यादा सीटें जीतेगी। उन्होंने स्वीकार किया कि बीजेपी नीत राज्य सरकार लोगों को रोजगार मुहैया कराने के वायदे को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने इसके लिए आर्थिक संकट को जिम्मेदार ठहराया जो खनन उद्योग के बंद होने की वजह पनपा।