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‘अखिलेश को अपनी कुर्सी सौंपना मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी भूल थी’

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 09, 2017 09:49 am IST,  Updated : May 09, 2017 09:49 am IST

पांच साल पहले बड़ी हसरत से बेटे को अपनी विरासत सौंपने वाले मुलायम सिंह यादव को अब अखिलेश यादव को अपनी कुर्सी सौंपना अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी भूल लग रही है। मैनपुरी में मुलायम सिंह का दर्द छलका।

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नई दिल्ली: पांच साल पहले बड़ी हसरत से बेटे को अपनी विरासत सौंपने वाले मुलायम सिंह यादव को अब अखिलेश यादव को अपनी कुर्सी सौंपना अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी भूल लग रही है। मैनपुरी में मुलायम सिंह का दर्द छलका। उन्होंने कहा कि मेरी गलती है। किसी और की गलती नहीं। मुझे ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए था। अगर ऐसा होता तो आज ये दिन न देखने पड़ते। ('मेरे आंसुओं को कमज़ोरी ना समझना', MLA की फटकार के बाद लेडी IPS का जवाब)

साथ ही चुनाव में सपा की हार के लिए मुलायम ने कांग्रेस से गठबंधन को ज़िम्मेदार ठहराया। मुलायम ने कांग्रेस और एसपी के गठबंधन का फिर विरोध किया और कहा कि कांग्रेस ने उनकी (मुलायम) जिंदगी खराब कर दी। मुसलमान आज भी कांग्रेस को मस्जिद टूटने का गुनहगार मानते हैं। मुसलमान कभी भी कांग्रेस को वोट नहीं देंगे। वे एसपी के साथ हैं। लेकिन अखिलेश ने कांग्रेस से गठबंधन किया तो पूरे प्रदेश ने विरोध कर दिया।

मुलायम ने कहा कि कांग्रेस ने मेरी जिंदगी खराब कर दी और मेरे ऊपर कई मुकदमे लगाए। मुलायम ने कहा कि मस्जिद टूटने के दौरान अटल और आडवाणी ने मरने वालों की संख्या 56 बताई। लेकिन उनके मांगने के बाद भी इस संख्या की सूची नहीं दी गई। सिर्फ 16 लोग ही मरे और 84 लोग घायल हुए। इस घटना का उन्हें दुख है लेकिन उन्होंने देश का बंटवारा रोकने के लिए ये सब किया।

वहीं जब अखिलेश यादव से उनके पिता के इस बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाना 'भूल' कैसे थी, यह सवाल नेताजी (मुलायम सिंह यादव) से ही पूछा जाए। पूर्व एमएलसी लाल सिंह तोमर के घर आयोजित विवाह कार्यक्रम में पहुंचे अखिलेश यादव से पत्रकारों ने जब मुलायम के बयान पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, 'नेताजी ने क्यों कहा कि मुझे मुख्यमंत्री बनाकर उन्होंने भूल की, यह सवाल उन्हीं (मुलायम) से करें।' इसके आगे वह इस बारे में कुछ नहीं बोले।

चाचा शिवपाल यादव के नए मोर्चा बनाने के सवाल पर अखिलेश ने कहा, 'कोई कुछ करे, मुझे लेना-देना नहीं है। मैं तो सपा की सदस्यता का अभियान चला रहा हूं और सपा को मजबूत करने में जुटा हूं।'

इस बीच अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल के पांच क़रीबी लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अखिलेश यादव ने शिवपाल के 5 करीबी लोगों को पार्टी से निकाला। दीपक मिश्रा, मो।शाहिद, राकेश यादव, कल्लू यादव, राजेश यादव को पार्टी से निकाला।

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