नई दिल्ली: इंडिया टीवी ने जब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से पूछा कि आपने रूठने-मनाने के चक्कर में इस बार भाजपा को बहुत परेशान किया। मांझी ने इसका जवाब देते हुए कहा, “इस वक्त मुझे एक चौपाई याद आ रही है। जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। हमने न किसी को नचाना सीखा है और न हमने खुद नाचना सीखा है। हमने हमेशा वास्तविकता की बात की है और हम आज भी कर रहे हैं। इस संदर्भ में आपने जो चर्चा उठाई वहां पर आपको मालूम होगा कि हम एनडीए के पार्टनर एक मकसद से बने हैं। साथ इसलिए आए हैं क्योंकि लालू और नीतीश जी के 25 सालों से शासन के दौरान बिहार को गरीबों के लिए जो करना चाहिए वो नहीं हुआ है।” आपको बता दें मांझी ने यह बात इंडिया टीवी के चुनाव मंच प्रोग्राम के दौरान कही।
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बिहार में गरीबों के लिए जितना हो सकता था उतना नहीं हुआ
नई दिल्ली: इंडिया टीवी ने जब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से पूछा कि आपने रूठने-मनाने के चक्कर में इस बार भाजपा को बहुत परेशान किया। मांझी ने इसका जवाब देते हुए कहा,
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