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मायावती को वोट बैंक से मतलब न कि दलित से: पासवान

 Written By: IANS
 Published : Jun 22, 2016 11:36 pm IST,  Updated : Jun 22, 2016 11:37 pm IST

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) अध्यक्ष राम विलास पासवान ने भी उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह हर चुनाव के पहले टिकट बंटवारे को एक व्यवसाय बना देती हैं।

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नई दिल्ली:समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर उनके पूर्व सहयोगी स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी का टिकट नीलाम करने का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके कुछ ही घंटे बाद लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) अध्यक्ष राम विलास पासवान ने भी उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वह हर चुनाव के पहले टिकट बंटवारे को एक व्यवसाय बना देती हैं। पासवान से यहां संवाददाताओं से कहा, "मायावती ने दलितों के हित के लिए कभी काम नहीं किया है। उन्होंने टिकट बंटवारे को हमेशा व्यवसाय बनाया है।"

पासवान और मायावती दोनों दलितों के कल्याण के लिए काम करने का दावा करते हैं। पासवान ने बिहार में अपनी जड़ें जमा रखी हैं वहीं बसपा प्रमुख मायावती उत्तर प्रदेश में निश्चित रूप से मजबूत हैं।

पासवान ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी लोजपा के भाजपा के साथ तालमेल करके चुनाव लड़ने में भी रुचि दिखाई है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी छोड़ने के पहले कहा, "उनका दम घुट रहा था।" उन्होंने कहा कि मायावती पार्टी का टिकट बेच रही हैं और उन्होंने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की विचारधारा का परित्याग कर दिया है।

मौर्य ने कहा कि पार्टी में टिकट केवल बेचा नहीं जा रहा, बल्कि नीलाम किया जा रहा है।

मायावती ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा कि मौर्य केवल अपने परिवार के सदस्यों के लिए विधानसभा का टिकट चाहते थे।

केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का कहना है कि चुनाव करीब आने पर टिकट के दाम बढ़ जाते हैं। मायावती को कभी भी दलित ज्यादा पसंद नहीं रहे केवल पैसा पसंद रहा।

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