नई दिल्ली: बस सर्विस विवाद में फंसे दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय की छुट्टी हो सकती है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गोपाल राय को इस मामले में एसीबी के सामने पेश होने को कहा है। बताया ये जा रहा है कि गोपाल राय ने खुद ही विभाग बदलने की गुजारिश मुख्यमंत्री से की है, वहीं केजरीवाल को अपने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर भी एफआईआर का डर सता रहा है। दोनों मामलों को लेकर अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर उप राज्यपाल नजीब जंग पर हमला तेज कर दिया है।
केजरीवाल के मंत्री पर 'घोटाले' की जांच की आंच
ऑड-इवन की सफलता पर अपने ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर की पीठ थपथपा चुके अरविंद केजरीवाल अब गोपाल राय से परिवहन विभाग वापस ले सकते है। दरअसल गोपाल राय ऐप बेस्ड प्रीमियम बस सर्विस योजना को लेकर विवादों में है। बीजेपी विधायक विजेंद्रर गुप्ता की शिकायत पर एसीबी पूरे मामले की जांच कर रही है और केजरीवाल ने समन जारी होने से पहले गोपाल राय को जांच एजेंसी के सामने पेश होने को कह दिया है।
गोपाल राय से छिन सकता है ट्रांसपोर्ट विभाग
दरअसर प्रीमियम बस सर्विस घोटाले की जांच कर रही एसीबी पहले ही इस मामले में दिल्ली के ट्रांसपोर्ट कमिश्मर संजय कुमार से 6 घंटे लंबी पूछताछ कर चुकी है और एसीबी चीफ मुकेश कुमार मीणा ने ये साफ कर दिया है कि इस मामले से जो भी जुड़े है, सबसे पूछताछ होगी। ऐसे में अब गोपाल राय पर समन की तलवार लटक रही है।
लेकिन इनके सबके बीच गोपाल राय ने खुद विभाग बदलने की गुजारिश सीएम केजरीवाल से कर दी है और खराब सेहत की इसकी वजह बताया है। गोपाल राय ने हाल में हुई सर्जरी का हवाला देते हुए कहा है कि श्रम विभाग के साथ-साथ परिवहन विभाग की वजह से काम ज्यादा रहता है ऐसे में उनसे परिवहन विभाग वापस ले लिया जाए।
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