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ममता बनर्जी ने कहा-'देशभर में एनआरसी के मुद्दे पर मोदी और शाह के बयान विरोधाभासी'

 Reported By: Bhasha
 Published : Dec 24, 2019 07:20 pm IST,  Updated : Dec 24, 2019 07:20 pm IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। साथ ही ममता ने हैरत जताई कि आखिर कौन सच बोल रहा है।

Mamata banerjee- India TV Hindi
Mamata banerjee

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। साथ ही ममता ने हैरत जताई कि आखिर कौन सच बोल रहा है। ममता ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘भाजपा से बड़ा धोखेबाज कोई नहीं है’’ और लोगों को पार्टी के इरादों को लेकर सचेत रहना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा ‘‘प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि एनआरसी (को देशभर में लागू करने) के बारे में न तो कोई चर्चा हुई है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव है, लेकिन कुछ ही दिन पहले, भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि एनआरसी देशभर में लागू होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दोनों ही बयान एक-दूसरे के विरोधाभासी हैं। हमें इस बात पर हैरत हो रही है कि आखिर कौन सच बोल रहा है। वे भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में एक रैली में कहा था कि उनकी सरकार ने 2014 में पहली बार सत्ता में आने के बाद से राष्ट्रव्यापी एनआरसी पर कभी चर्चा नहीं की है। ममता ने कहा, ‘‘हम जो कह रहे हैं, वह सबके सामने है। भाजपा ने जो कहा है, वह भी सबके सामने है। निर्णय करना लोगों पर निर्भर करता है।’’ उन्होंने कहा कि भाजपा देश को विभाजित करने की कोशिश कर रही है लेकिन भारत के लोग ऐसा नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब तक मैं जीवित हूं, मैं उन्हें बंगाल में सीएए या एनआरसी लागू नहीं करने दूंगी और देश को धार्मिक आधार पर नहीं बंटने दूंगी। असम में हिरासत केंद्र बना दिए गए हैं, जहां भाजपा सत्ता में है। बंगाल में हम कभी भी इस तरह का केंद्र नहीं बनाएंगे।’’ 

ममता ने नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) 2019 और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ यहां बिधान सरनी स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा से गांधी भवन तक निकाले गए मार्च का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि झारखंड ने ‘‘अहंकारी’’ भाजपा को विधानसभा चुनाव में हराकर करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस देश के लोग भाजपा और उनके नेताओं के नौकर नहीं हैं। यदि उनसे ठीक व्यवहार नहीं किया जाएगा तो वे उपयुक्त जवाब देंगे। आपको (भाजपा) महाराष्ट्र और झारखंड में पहले ही जवाब मिल चुका है।’’ भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा के आरोप पर जवाबी हमला करते हुए ममता ने कहा कि किसी को भी उन्हें इस बारे में व्याख्यान नहीं देना चाहिए कि क्या करना है। नड्डा ने कहा था कि ममता सिर्फ अपने वोट बैंक के बारे में चिंतित हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ का नाम लिए बिना उन पर हमला बोला और कहा, ‘‘बंगाल में एक ऐसा व्यक्ति है जो राज्य में कुछ भी अच्छा होते नहीं देखना चाहता। हर दिन वह दावा करता है कि लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता किया जा रहा है। मैं उससे पूछना चाहूंगी कि क्या लखनऊ हवाईअड्डे पर तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को रोकना और हिरासत में लेना स्वस्थ लोकतंत्र की झलक थी।’’

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