नई दिल्ली: मोगा में छेड़छाड़ का विरोध करने पर बादल परिवार की चलती बस से मां-बेटी को फेंके जाने के मामले में लड़की की रिश्तेदारों ने उसका अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है और उसका शव यहां शवगृह में रखा हुआ है। उन्होंने सुखबीर बादल पर FIR करने की मांग की है। राज्य सरकार के दो मंत्रियों ने असंवेदनशील बयान दिया है।
वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले पर राज्य सरकार के दो मंत्रियों ने असंवेदनशील बयान दिया है।
मंत्री जोगिंदर पाल जैन ने कहा, यह मामला कोर्ट से बाहर निपट जाए तो अच्छा है।
वहीं दूसरे मंत्री सुरजीत सिंह रखरा ने कहा, जो हुआ वह कुदरत की मर्ज़ी से हुआ।
मृतक के पिता ने कहा, ‘मैं न्याय चाहता हूं। मैं अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहता हूं। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए जिसकी बस थी।’
उन्होंने सवाल किया, ‘क्या दुनिया में कोई भी ऐसा नहीं है जो उनके (सुखबीर के) खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा सके। सरकार कहती है कि अपराध चाहे कोई भी करे, उसे सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह राष्ट्रपति हो या कोई और।’
उन्होंने यह भी कहा कि, ‘न मैं धन चाहता हूं न सरकारी नौकरी। मैं केवल इंसाफ चाहता हूं।’
मोगा में बादल परिवार की एक बस में छेड़छाड़ का विरोध करने पर मां और बच्ची को चलती बस से फेंक दिया गया। मां हॉस्पिटल भर्ती है और बेटी की म्रत्यू हो चुकी है।