नई दिल्ली: भाजपा नीत एनडीए गठबंधन को इस बार के बिहार चुनाव में नीतीश और लालू के महागठबंधन (आरजेडी-जदयू और कांग्रेस) से कांटे की टक्कर मिलती दिख रही है। ये आंकड़े इंडिया टीवी सी-वोटर्स के दूसरे सर्वे में सामने आए हैं। यहा कार्यक्रम आज रात आठ बजे इंडिया टीवी पर प्रसारित किया गया।
सी-वोटर्स ओपिनियन पोल के इस नए सर्वे के मुताबिक एनडीए को 109 से 125 सीटें मिलती दिख रही है, जबकि नीतीश, लालू और कांग्रेस का महागठबंधन 104 से 120 सीटों पर जीत हासिल करता जान पड़ रहा है। वहीं किसी भी दल या गठबंधन को बहुमत हासिल करने के लिए 122 के जादुई अंक को छूना होगा। इस पोल के मुताबिक अन्य को 10 से 18 सीटें मिल सकती हैं। सी-वोटर्स का कहना है कि उनका यह अनुमान सितंबर के दूसरे और तीसरे हफ्ते में बिहार के 243 क्षेत्रों के रहने वाले 7,786 लोगों से बातचीत के बाद सामने आया है। वहीं उसका यह भी कहना है कि इस आकलन में राज्य स्तर पर 3 फीसदी और स्थानीय स्तर पर 5 फीसदी का अंतर हो सकता है।
अगर साल 2010 के विधानसभा चुनावों की बात की जाए तो बीजेपी और जदयू के गठबंधन ने कुल 206 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि लालू प्रसाद और राम विलास पासवान के गठबंधन को सिर्फ 25 सीटें ही हासिल हो पाई थीं। हालांकि साल 2014 के आम चुनाव में एनडीए ने रामविलास पासवान की एलजेपी और उपेंद्र कुश्वाहा की आरएलएसपी के साथ मिलकर 174 विधानसभा सेगमेंट में जीत हासिल की थी। लालू और नीतीश मिलकर भी मोदी लहर के दौर में सिर्फ 51 विधानसभा सेगमेंट में जीत हासिल कर पाए थे।

बेहतर मुख्यमंत्री के सवाल पर-
बेहतर मुख्यमंत्री के सवाल पर 46.8 फीसदी लोगों ने नीतीश को अपनी पसंद बताया, जबकि 16 फीसदी लोगों की पसंद सुशील मोदी रहे। वहीं 6.7 फीसदी लोगों ने मांझी का भी नाम लिया और 5.4 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर शाहनवाज हुसैन पसंद हैं।
वोट प्रतिशत-
अगर वोट प्रतिशत की बात की जाए तो नीतीश और लालू के गठबंधन को इस बार 42 फीसदी मत मिलते दिख रहे हैं जबकि एनडीए को 43 फीसदी मत मिलने की संभावना है। वहीं 15 फीसदी वोट अन्य के खाते में भी जाते दिख रहे हैं।
बिहार में बदलाव की चाहत-
करीब 61.2 फीसदी लोग चाहते हैं कि उनके राज्य में बदलाव हो, वहीं 55.8 फीसदी लोगों का मानना है कि मौजूदा सीएम ही राज्य का भला कर सकते हैं। वहीं 72.9 फीसदी लोग अपने मौजूदा विधायकों से निराश दिखे। हालांकि 27.8 फीसदी लोगों का मानना है कि केंद्र में परिवर्तन हो।
समस्या कौन सुलझाएगा-
सी-वोटर्स के सर्वे में 58.8 फीसदी लोगों ने कहा कि एनडीए ही उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से सुलझा सकती है, जबकि 33.1 फीसदी लोगों ने इसके लिए जेडीयू और आरजेडी के गठबंधन को पसंद किया।