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'एंटी मोदी मोर्चा' बनाने की कोशिश तेज, दिल्ली में सोनिया-नीतीश की मुलाकात

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 20, 2017 09:04 pm IST,  Updated : Apr 20, 2017 09:07 pm IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मुकाबला करने के लिए विरोध दलों ने एकजुट होने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। आज दिल्ली में नीतीश कुमार सोनिया गांधी से मिले और भुवनेश्वर में ममता बनर्जी ने नवीन पटनायक से मुलाकात की। दिल्ली में नीतीश कुमार और सोनिया गांधी के

sonia gandhi and nitish kumar- India TV Hindi
sonia gandhi and nitish kumar

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मुकाबला करने के लिए विरोध दलों ने एकजुट होने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। आज दिल्ली में नीतीश कुमार सोनिया गांधी से मिले और भुवनेश्वर में ममता बनर्जी ने नवीन पटनायक से मुलाकात की। दिल्ली में नीतीश कुमार और सोनिया गांधी के बीच क्या बात हुई इसके बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया लेकिन पता ये चला है कि दोनों नेताओं के बीच जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव पर बात की है।

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'एंटी मोदी मोर्चा' बनाने की कोशिश तेज

विरोधी दलों की कोशिश है कि विपक्ष राष्ट्रपति पद के लिए साझा उम्मीदवार खड़ा करे जिससे एनडीए के उम्मीदवार को चुनौती पेश की जा सके।

यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन की करारी हार के बाद नीतीश कुमार कई बार बिहार की तरह महागठबंधन की बात कह चुके हैं। नीतीश कुमार की जेडीयू और कांग्रेस पार्टी बिहार के महागठबंधन के पार्टनर हैं।

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भुवनेश्वर में मिले ममता बनर्जी और नवीन पटनायक

मोदी विरोधी नेताओं की दूसरी मुलाकात भुवनेश्वर में हुई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक से मिलीं। पटनायक ने ममता बनर्जी से मुलाकात को शिष्टाचार बैठक कहा लेकिन ममता बनर्जी ने खुलकर बीजेपी पर हमला किया और कहा कि क्षेत्रीय दल बीजेपी का मुकाबला करने की ताकत रखते हैं। बीजेपी बंटवारे की राजनीति करती है और सेकुलर पार्टीज धर्म, जाति के आधार पर एकता चाहती हैं।

जुलाई में है राष्ट्रपति चुनाव

बता दें कि राष्ट्रपति का चुनाव जुलाई में होना है। फिलहाल जो गणित है उसमें अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए एनडीए के पास पन्द्रह हजार वोट कम हैं इसीलिए विरोधी दलों की कोशिश है कि विपक्ष अपना एक साझा उम्मीदवार खड़ा करे तो बीजेपी को हराया जा सकता है। लेकिन अभी तीन महीने के समय है। बीजेपी को उम्मीद है कि कई दल राष्ट्रपति के चुनाव में उसके साथ आएंगे इसलिए बीजेपी फिलहाल खामोश है।

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