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विपक्ष ने बजट को बताया दिशाहीन, नोटबंदी खोदा पहाड़ निकली चुहिया साबित

 Written By: Bhasha
 Published : Feb 09, 2017 05:12 pm IST,  Updated : Feb 09, 2017 05:12 pm IST

नयी दिल्ली: आम बजट को दिशाहीन करार देते हुए विपक्ष ने आज कहा कि इसमें अर्थव्यवस्था के भीतर मांग और विकास बढ़ाने, बेरोजगारी को दूर करने, कृषि क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने आदि की

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नयी दिल्ली: आम बजट को दिशाहीन करार देते हुए विपक्ष ने आज कहा कि इसमें अर्थव्यवस्था के भीतर मांग और विकास बढ़ाने, बेरोजगारी को दूर करने, कृषि क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने आदि की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। नोटबंदी के कारण देश के 40 करोड़ दैनिक तौर पर आय अर्जित करने वाले कामगारों सहित पूरी अर्थव्यवस्था पर घातक असर पड़ने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का परिणाम खोदा पहाड़ निकली चुहिया रहा। 

राज्यसभा में आम बजट 2017-18 पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम ने बजट को पूरी तरह से दिशाहीन करार देते हुए कहा कि इसमें समाज के किसी भी वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जबकि अर्थव्यवस्था में मंदी चल रही है और मांग को बढ़ाने की जरूरत है, बजट में सार्वजनिक व्यय को कम किया गया है। 

चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी के जरिये एक ऐतिहासिक भूल की है जिसके कारण आर्थिक विकास बाधित हुआ है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की घोषणा के 90 दिनों बाद भी आज भी देश के विभिन्न क्षेत्रों के एटीएम बंद पड़े हुए हैं, या उन्हें कैलिब्रेटेड नहीं किया गया है। देश की विभिन्न बैंक शाखाएं आज तक इस स्थिति में नहीं आ पाई हैं कि वे प्रति ग्राहक 24 हजार रूपये नकद दे सकें। 

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि लगता है कि प्रधानमंत्री को नोटबंदी की घोषणा करते समय तक इसके परिणामों के बारे में बताया ही नहीं गया था। उन्होंने कहा कि आठ नवंबर 2016 की इस घोषणा से रातों रात 86 फीसदी करेन्सी नोटों को वापस लेने का ऐलान कर दिया गया। इसके जरिये कुल 2400 करोड़ नोट वापस लिए गए। 

चिदंबरम ने कहा कि हमारे देश के नोट छापने वाली चार सरकारी प्रेसों की एक माह में कुल 300 करोड़ करेन्सी नोट छापने की क्षमता है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने 50 दिन के भीतर स्थिति सामान्य होने की जो घोषणा की थी, वह व्यावहारिक रूप से संभव ही नहीं थी। 

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के कारण देश के 40 करोड़ ऐसे लोग तबाह हो गए जो दैनिक आधार पर अपनी आय अर्जित करते हैं। उन्होंने कहा ऐसे लोग सरकार को भले ही माफ कर दें किन्तु वे अपने अनुभव कभी नहीं भूल सकते। 

उन्होंने नोटबंदी के परिणामों को खोदा पहाड़ निकली चुहिया बताते हुए कहा कि सरकार ने यह कदम उठाने के जो कारण कालेधन, भ्रष्टाचार, जाली मुद्रा पर रोक, आतंकवाद के वित्त पोषण पर रोक, बताए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ। 

कांग्रेस नेता ने कहा कि कांडला पोर्ट ट्रस्ट के दो इंजीनियरों के पास दो हजार रूपये के नए नोटों की गड्डियां मिलने, तमिलनाडु के मुख्य सचिव तथा विभिन्न लोगों के पास बड़ी संख्या में नए नोट मिलने की घटनाओं से साफ है कि भ्रष्टाचार और काले धन पर कोई लगाम नहीं लगी है। उन्होंने कहा कि अभी समय बीतने दीजिये, यह साबित हो जाएगा कि नोटबंदी के चलते साल 2016 में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार, घोटाला हुआ है। 

चिदंबरम ने सरकार द्वारा कैशलेस लेनदेन की ओर जोर दिए जाने को गलत बताते हुए कहा कि कोई नागरिक किस तरीके से भुगतान करे, यह उसका मौलिक अधिकार है और उसमें हस्तक्षेप करना उसकी निजता में हस्तक्षेप करने के समान है। 

उन्होंने कहा कि मान लीजिये कि कोई महिला अंतर्वस्त्र खरीदती है, कोई व्यक्ति अपने पुत्र से बचाकर अपनी पुत्रवधू को घर चलाने के लिए पैसे देता है, गंभीर बीमारी से पीडि़त कोई व्यक्ति यदि दवाई खरीदता है तो ऐसे में यदि वह कैशलेस भुगतान करता है तो उसका लेनदेन दर्ज हो जाएगा। यह उसकी निजता का स्पष्ट उल्लंघन है। 

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