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इस्तीफे के बाद हरीश रावत ने दिया सक्रिय राजनीति छोड़ने का संकेत, कही यह बात

 Reported By: IANS
 Published : Jul 07, 2019 05:20 pm IST,  Updated : Jul 07, 2019 05:21 pm IST

गत तीन जुलाई को कांग्रेस महासचिव पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले को सोशल मीडिया के जरिए साझा करने वाले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने इसकी वजह हाल में लोकसभा चुनावों में असम में पार्टी को मिली करारी हार बताई।

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देहरादून: चार दिन पहले कांग्रेस महासचिव के पद से इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने रविवार को सक्रिय राजनीति छोड़ने का संकेत देते हुए कहा कि वह अपनी पारी खेल चुके हैं और अब अपने परिवार तथा मित्रों के साथ समय बिताना चाहते हैं।

गत तीन जुलाई को कांग्रेस महासचिव पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले को सोशल मीडिया के जरिए साझा करने वाले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने इसकी वजह हाल में लोकसभा चुनावों में असम में पार्टी को मिली करारी हार बताई। रावत असम में पार्टी मामलों के प्रभारी थे।

अपने ट्वीट में रावत ने लिखा था, ‘'मैंने अपनी कमजोरी महसूस की है और महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है।'’ यहां एक बातचीत में रावत ने कहा कि वह अपनी पारी खेल चुके हैं और अब अपने परिवार तथा मित्रों के साथ समय बिताना चाहते हैं।

चुनावी दृष्टि से रावत के लिए पिछले कुछ साल अच्छे नहीं रहे और उनके बयानों को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने इस बार उत्तराखंड की नैनीताल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा। इससे पहले भी, उनके मुख्यमंत्री रहते हुए 2017 राज्य विधानसभा चुनावों में भी न केवल कांग्रेस महज 11 सीटों पर सिमट गई, वह खुद भी दोनों विधानसभा सीटों, हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा से चुनाव हार गए थे।

हालांकि, यह पूछे जाने पर कि क्या वह राजनीति से संन्यास लेने का संकेत दे रहे हैं, रावत ने इसका सीधा जवाब न देते हुए कहा कि वह कांग्रेस पार्टी तथा जनता की सेवा करते रहेंगे और सेवा करने के लिए किसी पद की दरकार नहीं होती।

लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद से रावत देश तथा प्रदेश में जगह-जगह भ्रमण कर रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर रावत ने कहा कि इसके जरिए वह यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस की दृष्टि से लोकसभा चुनावों में आखिर क्या गलत हो गया। उन्होंने कहा कि एक नेता में अपने कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी गुण होने चाहिए और राहुल गांधी में ये गुण हैं। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास है कि अगर राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहे तो 2022 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों में स्थिति बदली जा सकती है।

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