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अरूणाचल में लगा राष्ट्रपति शासन, विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया

 Written By: Bhasha
 Published : Jan 26, 2016 11:46 pm IST,  Updated : Jan 27, 2016 12:07 am IST

नई दिल्ली: केंद्र ने अरूणाचल प्रदेश में एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रहे राजनीतिक उठापटक के बीच आज राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया और विधानसभा को निलंबित रखा। इस मामले के उच्चतम

pranab mukherjee- India TV Hindi
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नई दिल्ली: केंद्र ने अरूणाचल प्रदेश में एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रहे राजनीतिक उठापटक के बीच आज राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया और विधानसभा को निलंबित रखा। इस मामले के उच्चतम न्यायालय में होने के बीच कांग्रेस और अन्य दलों ने इस कदम की तीखी आलोचना की और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पिछले दो दिनों में गहन विचार विमर्श के बाद आज केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी प्रदान कर दी और इस आधार को स्वीकार कर लिया कि राज्य में संवैधानिक संकट है।

गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अरूणाचल प्रदेश के राज्यपाल की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में पैदा हुए संवैधानिक संकट पर संग्यान लेते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने 24 जनवरी 2016 को अपनी बैठक में राष्ट्रपति से ऐसी उद्घोषणा जारी करने का अनुरोध किया था।

इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 356 (1) के तहत अरूणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने संबंधी उद्घोषणा पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह उद्घोषणा आज से प्रभावी होगी और प्रदेश की विधानसभा निलंबित रहेगी।

राष्ट्रपति ने कैबिनेट की सिफारिश के दो दिनों बाद इस उद्घोषणा पर हस्ताक्षर किए। कैबिनेट ने रविवार को हुई विशेष बैठक में राज्य में केंद्रीय शासन लागू किए जाने की सिफारिश की थी।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा था कि कैबिनेट यह फैसला लेने को बाध्य थी क्योंकि वहां संवैधानिक संकट पैदा हो गया था और राज्य विधानसभा के दो सत्रों के बीच 6 महीने की अवधि पूरी हो गयी थी।

कांग्रेस ने इसे बताया लोकतंत्र की हत्‍या

प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की तीखी आलोचना करते हुए कांग्रेस, जदयू, भाकपा और आप ने इसे संघवाद और लोकतंत्र की हत्या करार दिया और भाजपा नीत केंद्र सरकार पर देश की सर्वोच्च अदालत को अपमानित करने का आरोप लगाया जो अभी मामले की सुनवाई कर रही है।

भाजपा ने हालांकि इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसे कई नजरिए से देखने की जरूरत है और यह संवैधानिक दायित्वों के अनुरूप है। इसके साथ ही पार्टी ने कांग्रेस पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा, यह लोकतंत्र की हत्या है...। मामला अदालत में है और सरकार ने जल्दबाजी में कार्रवाई की है। यह साफ तौर पर देश के उच्चतम न्यायालय का अपमान है। लोकतंत्र की हत्या की गयी है।

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