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मोदी जी, आपकी नीयत और बदलते रुख पर विश्वास करना मुश्किल है: प्रियंका गांधी

 Reported By: Bhasha
 Published : Nov 19, 2021 12:00 pm IST,  Updated : Nov 19, 2021 12:01 pm IST

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह देश किसानों ने बनाया है, यह देश किसानों का है, किसान ही इस देश का सच्चा रखवाला है और कोई सरकार किसानों के हित को कुचलकर इस देश को नहीं चला सकती।’’

priyanka gandhi- India TV Hindi
मोदी जी, आपकी नीयत और बदलते रुख पर विश्वास करना मुश्किल है: प्रियंका गांधी  Image Source : PTI

Highlights

  • अब चुनाव में हार दिखने लगी तो आपको अचानक इस देश की सच्चाई समझ में आने लगी- प्रियंका
  • मोदी जी आपके मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचल कर मार डाला, आपको कोई परवाह नहीं थी- प्रियंका
  • यह देश किसानों का है, किसान ही इस देश का सच्चा रखवाला है- प्रियंका

नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद शुक्रवार को कहा कि चुनाव में आसन्न हार को देखते हुए प्रधानमंत्री को सच्चाई समझ आने लगी है, लेकिन उनकी नीयत एवं बदलते रुख पर विश्वास करना मुश्किल है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘600 से अधिक किसानों की शहादत 350 से अधिक दिन का संघर्ष, नरेंद्र मोदी जी आपके मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचल कर मार डाला, आपको कोई परवाह नहीं थी। आपकी पार्टी के नेताओं ने किसानों का अपमान करते हुए उन्हें आतंकवादी, देशद्रोही, गुंडे, उपद्रवी कहा, आपने खुद आंदोलनजीवी बोला।’’

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा, ‘‘किसानों पर लाठियां बरसायीं, उन्हें गिरफ़्तार किया। अब चुनाव में हार दिखने लगी तो आपको अचानक इस देश की सच्चाई समझ में आने लगी- कि यह देश किसानों ने बनाया है, यह देश किसानों का है, किसान ही इस देश का सच्चा रखवाला है और कोई सरकार किसानों के हित को कुचलकर इस देश को नहीं चला सकती।’’ उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आपकी नीयत और आपके बदलते हुए रुख़ पर विश्वास करना मुश्किल है। किसान की सदैव जय होगी। जय जवान, जय किसान, जय भारत।’’

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले करीब एक वर्ष से अधिक समय से विवादों में घिरे तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की और कहा कि इसके लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जाएगा। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे थे। 

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