1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. राजनाथ बोले, ‘अलगाववादियों का आचरण कश्मीरियत और इंसानियत के विपरीत’

राजनाथ बोले, ‘अलगाववादियों का आचरण कश्मीरियत और इंसानियत के विपरीत’

 Written By: India TV News Desk
 Published : Sep 05, 2016 07:28 pm IST,  Updated : Sep 05, 2016 09:02 pm IST

श्रीनगर: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सांसद निजी तौर पर अलगाववादियों से मुलाकात करने गए थे। लेकिन उनके साथ अलगाववादियों के व्यवहार कश्मीरियत और इंसानियत के विपरीत

rajnath singh- India TV Hindi
rajnath singh

श्रीनगर: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सांसद निजी तौर पर अलगाववादियों से मुलाकात करने गए थे। लेकिन उनके साथ अलगाववादियों के व्यवहार कश्मीरियत और इंसानियत के विपरीत थे। अशांत कश्मीर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का दौरा समाप्त करने से पहले राजनाथ ने यहां संवाददाताओं से कहा, "प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्य हुर्रियत नेताओं से मिलने गए थे। अलगाववादियों के साथ बैठक को लेकर हमने न तो हां कहा था और न ही ना। आप जानते हैं, क्या हुआ? कुछ सदस्य निजी तौर पर मिलने गए थे।"

(देश-विदेश की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें)

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि रविवार को प्रतिनिधिमंडल के कुछ विपक्षी नेताओं ने कश्मीर के शीर्ष अलगाववादी नेताओं के साथ वार्ता का प्रयास किया, लेकिन अलगाववादियों ने उनके साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया। हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव और मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी.राजा को अपने घर में घुसने तक नहीं दिया। ये लोग गिलानी के हैदरपोरा स्थित निवास पर करीब 10 मिनटों तक इंतजार करते रहे, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला।

राजनाथ ने कहा, "अलगाववादी नेताओं से मिलने गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुछ सदस्यों से जो मुझको पता चला, वह निश्चित रूप से न तो 'कश्मीरियत' और न ही इंसानियत थी।" उन्होंने कहा, "अगर आप (अलगाववादी) बात नहीं करना चाहते हैं तो यह अलग बात है। लेकिन उन लोगों ने साबित कर दिया है कि उन्हें जम्हूरियत में यकीन नहीं है।" अलगाववादियों से बातचीत की विपक्षी नेताओं की कोशिशों पर मिली नकारात्मक प्रतिक्रिया से निराश केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने श्रीनगर पहुंचने से पहले ही ट्वीट कर कहा था कि 'हम कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति चाहने वाले हर किसी से बात करने को तैयार हैं।'

घाटी में शांति बहली के लिए वार्ता शुरू करने के मिशन पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को पहुंचा था। वर्षो बाद करीब दो महीने से कश्मीर घाटी भयानक हिंसापूर्ण उपद्रवों से जूझ रहा है, 58 दिन से कर्फ्यू झेल रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर में प्रत्येक व्यक्ति शांति और सामान्य स्थिति चाहता है। सिंह ने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि जम्मू एवं कश्मीर में स्थिति सुधरेगी। इसमें कोई दो राय नहीं है कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और बना रहेगा।"

जब उनसे पूछा गया कि वार्ता में अलगाववादियों को शामिल करने के लिए कोई परोक्ष मार्ग खोले गए या नहीं, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। राजनाथ सिंह ने कहा, "जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत के दायरे में कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति लाने के इच्छुक लोगों के लिए न केवल हमारे दरवाजे, बल्कि खिड़की और रोशनदान भी खुले हुए हैं।"

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत