नई दिल्ली: राम मंदिर पर RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्ष ने भागवत के बयान का विरोध करते हुए कहा है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है और बिना अदालत की मर्जी के वहां कुछ नहीं हो सकता। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने संघ के बायन पर निशाना साधते हुये कहा कि संघ हमेशा मंदिर बनाने की बात करते हैं लेकिन कब बनाएंगे ये बताने से गुरेज करते हैं। वहीं खालिद रशिद फिरंगी महली ने इसपर चिंता जताते हुये कहा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट है तो ऐसे बयान के मायने समझ से परे हैं।
क्या कहा था मोहन भागवत ने
राम मंदिर को लेकर भागवत ने कहा था कि इसका निर्माण उनका भव्य लक्ष्य है। भागवत कोलकाता के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। संघ प्रमुख ने कहा, ‘भारत एकमात्र भूमि है जो सबको साथ लेकर चलती है। मंदिर तो बन गया, अब भव्य मंदिर बनाना है।’ उन्होंने कहा कि ये जन्मभूमि है जो भारत की मर्यादा की प्रतीक है। भगवान राम भारत के कण-कण में बस गए हैं। राम मंदिर निर्माण का संकल्प पूरा होकर रहेगा।
इससे पहले संघ प्रमुख ने राम मंदिर निर्माण का मुद्दा विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता रहे अशोक सिंघल के लिए आयोजित एक शोक सभा में उठाया था। तब उन्होंने कहा था कि अशोक सिंघल के सपने को पूरा करने के लिए गंभीर प्रयास करना चाहिए। गौरतलब है कि अशोक सिंघल जीवनभर स्वयं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का समर्पित प्रचारक मानते रहे। वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद उस जगह भव्य राम मंदिर बनाने का सपना लिए वह संसार को अलविदा कह गए। बीते नवंबर माह में उनका निधन हुआ था।