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राम मंदिर था, रहेगा और बनेगा: केंद्रीय मंत्री

 Written By: Bhasha
 Published : Nov 26, 2015 08:26 pm IST,  Updated : Nov 26, 2015 08:26 pm IST

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग के साथ राम मंदिर मुद्दे पर आज कहा कि राम मंदिर था, रहेगा और बनेगा। उन्होंने जम्मू कश्मीर को विशेष

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राम मंदिर था, रहेगा और बनेगा: केंद्रीय मंत्री

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलोत ने समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग के साथ राम मंदिर मुद्दे पर आज कहा कि राम मंदिर था, रहेगा और बनेगा। उन्होंने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 पर भी सवाल उठाया और दावा किया कि संविधान निर्माता बाबा साहब इसके पक्ष में नहीं थे।

विवादास्पद बाबरी मस्जिद ढांचा गिराए जाने की घटना का लोकसभा में उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय उत्तरप्रदेश सहित भाजपा शासित अन्य राज्य सरकारों को भंग कर दिया गया जो संविधान की भावना के खिलाफ कार्रवाई थी। उन्होंने कहा, ‘राम मंदिर था, राम मंदिर है और राम मंदिर बनेगा।’

लोकसभा में संविधान दिवस पर आज शुरू हुई दो दिवसीय विशेष चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए गहलोत ने कहा कि संविधान की भावना का ठीक ढंग से पालन करने के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग करते हैं। उच्चतम न्यायालय ने ऐसा ही फैसला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव गांधी सरकार के समय शाह बानो मामले में संविधान की मूल भावना का हनन किया गया।

उन्होंने दावा किया कि अंबेडकर अनुच्छेद 370 के पक्ष में नहीं थे। अगर जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है तब संसद के सभी कानून उस राज्य पर क्यों लागू नहीं होते। संसद से पारित कानून के संबंध में क्यों कहा जाता है कि जम्मू कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू।

गहलोत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संविधान की भावना का ठीक ढंग से पालन नहीं किया और कई बार इसका उल्लंघन किया। संविधान की प्रस्तावना में उस समय संशोधन करके सेक्युलर शब्द डाला गया जब देश में आपातकाल लगा था और विपक्ष के नेता जेल में डाल दिये गये थे।

कांग्रेस पर प्रजातंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया, लोकसभा के कार्यकाल को पांच साल से बढ़ाकर छह साल किया। और अटलजी, आडवाणी जी की सलाह पर मोरारजी देसाई ने संविधान को बहाल करने की पहल की।

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