1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. 'हिन्दू विरोधी' गतिविधियों के लिए हो रहा है IIT का इस्तेमाल: RSS मुखपत्र

'हिन्दू विरोधी' गतिविधियों के लिए हो रहा है IIT का इस्तेमाल: RSS मुखपत्र

 Written By: Bhasha
 Published : Jul 20, 2015 06:50 am IST,  Updated : Jul 20, 2015 06:55 am IST

नई दिल्ली: आर्गेनाइजर के एक लेख में FTII के अध्यक्ष के रूप में गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति के विरोध को ‘हिन्दू विरोधी’ करार दिए जाने के बाद RSS के मुखपत्र में एक अन्य लेख में

'हिन्दू विरोधी...- India TV Hindi
'हिन्दू विरोधी गतिविधि के लिए हो रहा IIT का इस्तेमाल'

नई दिल्ली: आर्गेनाइजर के एक लेख में FTII के अध्यक्ष के रूप में गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति के विरोध को ‘हिन्दू विरोधी’ करार दिए जाने के बाद RSS के मुखपत्र में एक अन्य लेख में आरोप लगाया गया है कि IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान 'भारत विरोधी' और 'हिन्दू विरोधी' गतिविधियों का स्थान बन गए हैं।

कुछ IIM द्वारा सरकार के कदमों के विरोध के पीछे राजनीतिक उद्देश्य होने का जिक्र करते हुए लेख में कहा गया है कि वामदल और कांग्रेस अब भी प्रतिष्ठित संस्थाओं पर नियंत्रण किए हुए हैं और दोनों दल संचालक मंडल और निदेशकों के जरिए एक संस्थान पर 'वैचारिक नियंत्रण' के संचालक (मास्टर) हैं।

मुखपत्र में प्रकाशित लेख में IIT बम्बई के संचालक मंडल के अध्यक्ष और जाने माने परमाणु वैज्ञानिक अनिल काकोदकर और आईआईएम अहमदाबाद के अध्यक्ष ए.एम. नाइक की विभिन्न मुद्दों पर चुटकी ली गई है।

इसमें हरिद्वार के पवित्र शहर में आईआईटी रुड़की के छात्रों को मांसाहारी भोजन परोसे जाने और राउरकेला में एनआईटी में छात्रों को सामुदायिक हाल में पूजा आयोजित करने से रोके जाने का दावा किया गया है और दोनों यूपीए सरकार के दौरान होने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि करदाताओं के पैसों से पोषित संस्थान 'भारत विरोधी' और 'हिन्दू विरोधी' गतिविधियों के स्थान बन गए हैं।

आएसएस के मुखपत्र में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि निम्न मनोबल वाले संकाय के लोग छात्रों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। ऐसी गतिविधियां या तो संचालक मंडल के संज्ञान में नहीं आती या इन्हें नजरंदाज किया जाता है। संचालक मंडल को इन संस्थाओं में 'भारत विरोधी' और 'हिन्दू विरोधी' गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

सप्ताहिक में प्रकाशित लेख में काकोदकर पर चुटकी लेते हुए कहा गया है कि वह मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर निदेशकों की नियुक्ति को लापरवाही से लेने का आरोप लगाते हैं, लेकिन आईआईटी मुम्बई द्वारा शिक्षकों एवं छात्रों के लिए ‘किस ऑफ लव’ मनाने पर एक शब्द भी नहीं कहते।

इसमें शिक्षा क्षेत्र में सरकार से बदलाव लाने का आग्रह किया गया है और इसमें हिन्दुत्ववादी संगठनों की विचारधारा समाहित करने का जिक्र किया गया है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत।