नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सुनाए गए फैसले की पृष्ठभूमि में भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि आशा है कि अदालत के इस आदेश से उनको सदबुद्धि आएगी और वह प्रधानमंत्री बनने की लालसा को छोड़कर शहर के विकास पर ध्यान देंगे। उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी अजराजकता की राजनीति करती है और अब मुख्यमंत्री को किसी संवैधानिक विशेषज्ञ से 20-25 दिन का क्रैश कोर्स करने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा, केजरीवाल जी प्रधानमंत्री बनने का सपना देखते हैं। 2014 में इसी सपने को लेकर वह वाराणसी गए थे और जनता ने उनको नकार दिया। अब वह 2019 के सपने देख रहे हैं। आशा करते हैं कि अदालत के फैसले से इनको सद्बुद्धि आएगी और वह प्रधानमंत्री बनने की लालसा छोड़कर दिल्ली के विकास पर ध्यान देंगे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा, अदालत ने आप सरकार के खिलाफ बहुत तल्ख टिप्पणी की है। इन लोगों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। मेरा यह कहना है कि उनको विपश्यना में जाने की बजाए किसी संवैधानिक विशेषज्ञ से 20-25 दिन का क्रैश कोर्स करना चाहिए।
बीते गुरूवार दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में उप राज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक प्रमुख बताया था और केजरीवाल सरकार की ओर से सीएनजी फिटनेस घोटाले और डीडीसीए में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए गठित किए गए आयोगों को गैर कानूनी करार दिया था। सतीश उपाध्याय ने कहा, दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है और यहां की प्रशासनिक व्यवस्था का प्रमुख उप राज्यपाल पहले भी थे और आज भी हैं। उच्च न्यायालय ने इसी बात को कहा है। आम आदमी पार्टी को अच्छी तरह पता था कि दिल्ली का प्रशासनिक ढांचा क्या है। इसके बावजूद ये लोग नाटक कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया, आप अराजकता की राजनीति करती है। इनकी अराजकता की राजनीति के कारण ही दिल्ली 15 साल पीछे चली गई। केजरीवाल दिल्ली के संसाधन पर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक महात्वाकांक्षा को पूरा करना चाहते हैं। भाजपा नेता ने दावा किया, आप सरकार डेढ़ साल में पूरी तरह नाकाम रही है। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए वे लोग कभी उप राज्यपाल को निशाना बनाते हैं और कभी प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हैं। जनता इनको समझ गई है और आगे ये नाटक नहीं चलने वाला है।