नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार आज लोकसभा में बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले ही दिन विवादास्पद लैंड बिल पेश करेगी। संसदीय मामलों के राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी संसद में राष्ट्रपति द्वारा प्रख्यापित संविधान के अनुच्छेद 123 के तहत (2 ) (क) भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन (संशोधन ) अध्यादेश में एक उचित मुआवजा के अधिकार के प्रति और पारदर्शिता रखने वाला अध्यादेश पेश करेंगे।
बजट सत्र की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उम्मीद जतायी कि यह ‘परिणामों’ से परिपूर्ण होगा। उन्होंने साथ ही कहा कि उनकी सरकार आने के बाद संसद की उत्पादकता ‘125 प्रतिशत पर पहुंच गई है।’ संसद का सत्र कई मुद्दों को लेकर हंगामेदार रहने की संभावना है जिसमें भूमि विधेयक शामिल है। संसदीय मामलों के मंत्री वेंकैया नायडू ने भाजपा सांसदों से कहा कि वे पूरे सत्र के दौरान अपने सदन में मौजूद रहें।
राज्यसभा में कड़ा विरोध होने की वजह से सरकार को संसद में बजट सत्र की पहली छमाही में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश एक कानून में परिवर्तित नहीं कर सकी थी।
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पारित यह 11वाँ अध्यादेश है जिसको लोकसभा में 9 संशोधनों के साथ पिछले महीने पेश किया गया था। सोनिया गांधी के नेतृत्व में विपक्ष सरकार लैंड बिल पर संसद में कड़ा विरोध करने को भी तैयार है।
बजट सत्र का दूसरा चरण 8 मई को समाप्त होगा। राज्य सभा का नया सत्र 23 अप्रैल से शुरू हो कर 13 मई को खत्म होगा।