नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में मोदी के रथ को रोकने के लिए आज सभी समाजवादी कुनबा एक हो गया है। मुलायम सिंह यादव को नए पार्टी का अध्यक्ष तथा संसदीय समिति का अध्यक्ष घोषित किया गया है।
पार्टी का नाम और झंडा के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है और इसके लिए एक कमिटी का गठन किया गया है, जिसमें एचडी देवगौड़ा, लालू यादव, ओम प्रकाश चौटाला, शरद यादव और कमल मुनारिका शामिल होंगे।
इस विलय पर पिछले कुछ दिनों से रस्साकशी चल रही थी। पार्टियों के विलय की घोषणा राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव ने की। लालू यादव के बाद संवाददाता सम्मेलन को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी संबोधित किया। दोनों नेताओं ने कहा कि अभी हमारे सामने बिहार में होने वाला विधानसभा चुनाव है और हम जनता की उम्मीदों पर खड़ा उतरेंगे।
मीडिया में विलय को लेकर आने वाली उन खबरों का लालू प्रसाद यादव ने खंडन किया जिसमें कहा जा रहा है कि सभी दलों को अपनी ताकत को लेकर उहापोह चल रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता में इस तरह का भाव नहीं है। एक राय से मुलायम सिंहजी को अपना नेता बनाया गया है।
नई पार्टी की राजनीतिक रणनीति का खुलासा करते हुए लालू ने कहा कि हम पूरे देश का दौरा करेंगे और जनता से सीधा संवाद कायम करेंगे। हम सभी एकजुट होकर जनता के बीच जाएंगे और जनता देखेगी कि हमारे पास कोई अहंकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी हमारे सामने बिहार में होने जा रहा चुनाव है जो हमारे लिए अग्नि परीक्षा की तरह होगी।
इन छह दलों में समाजवादी पार्टी, जनता दल (युनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी), जनता दल (सेक्युलर ) तथा समाजवादी जनता पार्टी-राष्ट्रीय (सजपा-आर) हैं।
जद(यू) नेता नीतीश कुमार ने बैठक से पहले राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से कहा, "आज घोषणा को लेकर हम आशान्वित हैं। इस विलय के लिए हमने मुलायम जी को अधिकृत किया है।" यह बैठक इस साल के अंत में होने वाले बिहार चुनाव के पहले सामने आया है।