कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की गिरफ्तारी को 'बदले की राजनीति' करार दिया और मोदी सरकार के 'प्रतिशोधात्मक रवैये' के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की। बंदोपाध्याय को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रोज वैली चिट फंड घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। ममता ने इसके बदले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह की गिरफ्तारी की मांग की।
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लोकसभा में टीएमसी के पार्लियामेंट्री पार्टी लीडर सुदीप बंदोपाध्याय सुबह 11 बजे सीबीआई दफ्तर पहुंचे थे। यहां सीबीआई ने उनसे रोज वैली चिट फंड घोटाला मामले में करीब चार घंटे तक पूछताछ की लेकिन जब सुदीप का जवाब संतोषजनक नहीं लगा, तो सीबीआई ने उन्हें अरेस्ट कर लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक सुदीप बंदोपाध्याय रोज वैली चिट फंड कंपनी की किसी एक सब्सिडियरी कंपनी से जुड़े थे। सुदीप पर रोज वैली के खर्चे पर विदेश यात्राएं करने का भी सीबीआई को शक है। इसके अलावा सीबीआई के सूत्र ये भी बता रहे हैं कि रोज वैली कंपनी ने ही सुदीप बंदोपाध्याय को लग्जरी कार मुहैय्या कराई थी।
इन्हीं सब मामलों को लेकर सुदीप को सीबीआई तीन बार पहले भी समन भेज चुकी थी लेकिन तब सुदीप ने पहले के दो नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया और आज जब वो सीबीआई दफ्तर में पेश हुए तो चार घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया।
सुदीप बंदोपाध्याय की गिरफ्तारी से ममता बनर्जी बहुत नाराज़ हैं। ममता ने पीएम मोदी को डायरेक्ट चैलेंज किया और कहा कि अगर मोदी के हाथ में सरकार है, तो उनके हाथ में भी सरकार है। जरूरत पड़ने पर वो यहां के चोर डकैत गुंडे बदमाशों को गिरफ्तार कर सकती हैं लेकिन वो ऐसा नहीं करेंगी क्योंकि वो राजनीतिक शिष्टाचार पर भरोसा करती हैं।
ममता ने ये भी कहा कि वो सुदीप बंदोपाध्याय की गिरफ्तारी से डरने वाली नहीं है। नोटबंदी के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा। पीएम मोदी पर दंगे की वजह से सत्ता पाने का गंभीर आरोप लगाया और बीजेपी पर नोटबंदी की आड़ में घोटाले का आरोप लगाया।