प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फटकार के बावजूद बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी पार्टी विरोधी बयान देने से बाज़ नहीं आ रहे हैं। उनकी हाल ही की बयानबाज़ी से केंद्र सरकार और बीजेपी दोनों के लिए समस्या खड़ी हो गईं थी और मोदी को उन्हें चुप कराना पड़ा था लेकिन अब स्वामी ने मोदी सरकार के 'अच्छे दिनों' पर ही कटाक्ष कर डाला। स्वामी ने शुक्रवार की सुबह ट्वीट कर आरबीआई और सरकार दोनों पर कटाक्ष किया।
स्वामी ने ट्विटर पर लिखा है, 'मैं अगर इंडेक्स नंबर पर बनी सैमुअल्सन-स्वामी थ्योरी को भारतीय जीडीपी की गणना या फिर आरबीआई इंटरेस्ट रेट पर लागू करूं तो मीडिया चीखने लगेगा कि ये पार्टी विरोधी गतिविधी है।'

स्वामी प्रतिष्ठित अमेरिकी अर्थशास्त्री पॉल सैमुअलसन को अपना गुरु मानते हैं।
ग़ौरतलब है कि पिछले महीने ही सरकार ने 2015-16 वित्तीय वर्ष के आंकड़ों के आधार पर दावा किया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ ली है और भारत के दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनने की भी बात की थी।
भारत ने गत वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में 7.9 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की है।
हाल ही में स्वामी किसी न किसी बहाने सोशल मीडिया पर कभी रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन, कभी मुख्य वित्तीय सलाहकार अरविंद सुब्रमण्नियन तो कभी वित्त सचिव शक्तिकांत दास पर हमला बोलते रहे हैं लेकिन दरअसल उनका निशाना होते थे वित्त मंत्री अरुण जेटली। नौबत यहां तक आ गई थी कि मोदी को जेटली के बचाव में उतरना पड़ा था। मोदी ने एक चैनल को दिए इंटरव्यूह में कहा कि ये जो पब्लिसिटी का शौक़ है उससे कभी देश का भला नहीं हो सकता।
मोदी की फटकार के बाद स्वामी ने फिर ट्वीट कर कहा था कि वह पब्लिसिटी के पीछे नहीं भागते, बल्कि पब्लिसिटी उनके पीछे भागती है।