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दारोगा भर्ती परीक्षा का पेपर खींचकर सॉल्वर गैंग को देने वाला कंप्यूटर टीचर गिरफ्तार, एक लाख रुपये में हुआ था सौदा

 Reported By: Nitish Chandra,  Written By: India TV Bihar Bureau Desk
 Published : Sep 24, 2026 11:16 am IST,  Updated : Sep 24, 2026 11:17 am IST

बिहार के गया में आयोजित हुई पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) की परीक्षा लीक मामले में पुलिस ने कंप्यूटर टीचर को गिरफ्तार किया है। 1 लाख रुपए में कंप्यूटर टीचर वीरेंद्र कुमार ने पेपर लीक का सौदा किया था।

गया दरोगा पेपर लीक मामला- India TV Hindi
गया दरोगा पेपर लीक मामला Image Source : INDIA TV

बिहार में दारोगा भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की SIT टीम ने एक कंप्यूटर शिक्षक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वीरेंद्र कुमार के रूप में की गई है। पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र ने परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीर खींचकर सॉल्वर गैंग को उपलब्ध कराई थी। इसके बदले उसे एक लाख रुपये का पहला भुगतान किया गया था।

गया दारोगा भर्ती परीक्षा मामला 

मामला गया जिले के रामपुर थाना क्षेत्र में दर्ज कांड से जुड़ा है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) की मुख्य लिखित परीक्षा 27 मई 2026 को दो पालियों में आयोजित की गई थी। आरोप है कि इसी परीक्षा में कुछ लोगों ने ब्लूटूथ और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से अभ्यर्थियों को नकल कराने की कोशिश की गई थी। इस मामले में पहले भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है।

SIT को सौंपी गई जांच

मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध इकाई की SIT को सौंपी गई थी। जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ प्रश्नपत्रों की जानकारी भी पुलिस को मिली। इसके बाद एक वायरल प्रश्नपत्र को ट्रेस करते हुए जांच टीम गया कॉलेज के परीक्षा केंद्र तक पहुंची। पुलिस ने गया कॉलेज के परीक्षा केंद्र का पूरा CCTV फुटेज खंगाला। इसके अलावा तकनीकी सबूत और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग से मिले दस्तावेजों की भी जांच की गई। जांच में पता चला कि वायरल हुआ प्रश्नपत्र गया कॉलेज के परीक्षा कक्ष नंबर 49 में आवंटित था। इस कमरे में संबंधित अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचा था।

1 लाख में हुआ था सौदा

जांच के अनुसार, 27 मई को दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई। परीक्षा शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद वीरेंद्र कुमार ने अलग-अलग कमरों से इकट्ठा किए गए प्रश्नपत्रों की तस्वीर खिंचवाई। आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर तैनात एक बायोमेट्रिक कर्मचारी की मदद से प्रश्नपत्र की फोटो ली गई और पहले से तय साजिश के तहत इसे सॉल्वर गैंग तक पहुंचाया गया। इसके बदले एक लाख रुपये का पहला भुगतान किया गया।

दरोगा पेपर लीक मामले में कंप्यूटर टीचर वीरेंद्र कुमार गिरफ्तार

वीरेंद्र कुमार 2025 से गया कॉलेज में अनुबंध पर कंप्यूटर शिक्षक के तौर पर काम कर रहा था। परीक्षा के दिन वह कार्यालय कर्मी के रूप में ड्यूटी पर था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह 2021 से ऑनलाइन परीक्षा कराने वाली कंपनी BYTES Softech Pvt. Ltd. से जुड़ा हुआ था। पूछताछ और डिजिटल सबूतों की जांच के आधार पर पुलिस को उसकी पहले की कुछ परीक्षाओं में भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस डिजिटल सबूतों और आरोपियों के आपसी कनेक्शन की पड़ताल कर रही है।

 

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