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शिवराज ने 3 तलाक पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को सराहा

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Aug 22, 2017 02:57 pm IST,  Updated : Aug 22, 2017 02:57 pm IST

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, "तीन तलाक जैसी प्रथाएं हमारी बहनों, बेटियों के लिए मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना के समान हैं एवं आधुनिक भारतीय समाज के विकास में भी बाधक हैं।"

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तीन तलाक को 'असंवैधानिक' करार दिए जाने और केंद्र सरकार को छह माह के भीतर इस संबंध में कानून बनाने के आदेश का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट कर कहा, "हम सर्वोच्च न्यायालय के तीन तलाक पर दिए गए आदेश का स्वागत करते हैं। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इस संबंध में जल्द से जल्द कानून पारित किया जाए।" ये भी पढ़ें: ओवैसी को हैदराबाद लोकसभा सीट पर हराने की योजना पर चल रहा है काम: BJP

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, "तीन तलाक जैसी प्रथाएं हमारी बहनों, बेटियों के लिए मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना के समान हैं एवं आधुनिक भारतीय समाज के विकास में भी बाधक हैं।"

बता दें कि इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज ऐतिहासिक फ़ैसला सुनाते हुए ट्रिपल तलाक़ को असंवैधानिक क़रार दिया। कोर्ट ने केंद्र से इस मामले में 6 महीने के अंदर क़ानून बनाने को कहा है। फ़िलाहल ट्रिपल तलाक पर 6 महीने की रोक लगा दी है। 5 में से 3 जजों ने ट्रिपल तलाक के ख़िलाफ़ बात कही। गौरतलब है कि कोर्ट ने इस साल मई में इस मामले पर सुनवाई की थी और सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इससे पहले संवैधानिक पीठ ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से पूछा था कि क्या औरतें तीन तलाक को ना कह सकती हैं? पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील सिब्बल से चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने पूछा था कि क्या महिलाओं को निकाहनामा के समय तीन तलाक को ना कहने का विकल्प दिया जा सकता है। क्या सभी काजियों से निकाह के समय इस शर्त को शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया जा सकता है?

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