नयी दिल्ली: ललित मोदी प्रकरण एवं अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस, वाम समेत कुछ अन्य दलों के सदस्यों के भारी हंगामे के बावजूद अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आज लोकसभा में प्रश्नकाल सहित अन्य कार्यवाही चलाने का प्रयास किया।
अध्यक्ष ने शोर शराबे में ही प्रश्नकाल की पूरी कार्यवाही चलायी। इस दौरान कंपनी बोर्ड में महिला निदेशक, चाय अनुसंधान और विकास केंद्र, महिला एवं बाल अधिकारोें का उल्लंघन, विमान दुर्घटना, राज्यों को विशेष पैकेज, आयुष संबंधी एनएसएसओ सर्वेक्षण आदि विषयों पर सदस्यों ने सवाल पूछा और संबंधित मंत्रियों ने उनके जवाब दिए।
काली पट्टी बांध कर सदन में नहीं आने की लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की की चेतावनी के बावजूद कांग्रेस सदस्य आज भी सदन में अपनी बांह पर काली पट्टी लगाकर आए थे। कांग्रेस, वामदल एवं अन्य सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करते रहे।
संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि इन लोगों को :शोर शराबा कर रहे विपक्षी सदस्य: देश की जनता ने अस्वीकार कर दिया है। सत्ता खोने से हताश हो गए हैं। लोकतंत्र के नाम पर फ्राड किया जा रहा है। 40 लोग संसद को बंधक नहीं बना सकते हैं। मैं आपसे :स्पीकर: इस स्थिति को गंभीरता से लेने का आग्रह करता हूं। क्या यह तमाशा है। इन्हें देश के लोगों की कोई चिंता नहीं है।
शोर शराबे से क्षुब्ध सुमित्रा महाजन ने कहा, अगर आप इन सब चीजों को टीवी पर दिखाना चाहते हैं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं, पूरा देश देख ले। लेकिन आज मैं सदन की कार्यवाही स्थगित नहीं करूंगी।
हालांकि, शोर शराबा जारी रहने पर उन्होंने भोजनावकाश से लगभग आधा घंटा पहले ही सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे स्थगित करदी।
सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ने कार्यस्थन के सभी नोटिसों को अस्वीकार करते हुए कहा कि ये महत्वपूर्ण मामले हैं और इन्हें अन्य अवसरों पर उठाया जा सकता है।