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अमेरिका में अब्दुल की जीत से गदगद ओवैसी, बोले- "यूपी की बारी, अब दरी नहीं बिछाएंगे"

 Written By: Malaika Imam
 Published : Nov 04, 2026 02:07 pm IST,  Updated : Nov 04, 2026 02:21 pm IST

अमेरिका के मिशिगन में अब्दुल अल-सयद की जीत पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के मुसलमानों को भी अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी।

अब्दुल अल-सयद की जीत पर असदुद्दीन ओवैसी ने दी प्रतिक्रिया- India TV Hindi
अब्दुल अल-सयद की जीत पर असदुद्दीन ओवैसी ने दी प्रतिक्रिया Image Source : PTI/AP

अमेरिका में हुए 2026 के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, मिशिगन से सीनेट चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सयद की जीत ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम व्यक्ति बनने का इतिहास रच दिया है। उनकी इस जीत पर AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है।

ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए अब्दुल अल-सयद की जीत को उत्तर प्रदेश की सियासत से जोड़ दिया। उन्होंने लिखा, "एक अब्दुल मिशिगन में जीत गया, अब उत्तर प्रदेश के अब्दुल को अपनी सियासी पहचान मजबूत करनी होगी।" उन्होंने आगे लिखा, "संघियों ने 'अब्दुल' को एक तंज में बदलने की बहुत कोशिश की है। वक्त आ गया है कि हम दिखाएं कि अब्दुल अल्लाह के सिवा किसी की गुलामी नहीं करता। अब दरी नहीं बिछाएंगे।"

अब्दुल अल-सैयद के बारे में 

अल-सैयद ने मिशिगन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई की है। उन्होंने रोड्स स्कॉलर के तौर पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। अल-सैयद ने सारा जकाकू से शादी की है, जिनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं। अल-सैयद खुद को एक 'पूंजीवादी' बताते हैं। उनके चुनाव अभियान का मुख्य फोकस जीवन-यापन की लागत और अन्य मुद्दों पर था। उनके इस अभियान पर पिछले साल न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के चुनाव अभियान का भी प्रभाव देखने को मिला।

उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 'मेडिकेयर फॉर ऑल', इजरायल को दी जाने वाली सैन्य सहायता समाप्त करने और चुनावी फंडिंग में सुधार जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी। मिशिगन में गवर्नर पद के लिए 2018 में हुए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में ग्रेचेन व्हिटमर से 20 फीसदी से अधिक मतों के अंतर से हारने के करीब सात साल बाद अब्दुल अल-सयद ने दोबारा राजनीतिक मैदान में वापसी की। हार के बाद वह कुछ समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे। इस दौरान उन्होंने अपना पॉडकास्ट शुरू किया, एक किताब लिखी और यूट्यूब व टेलीविजन पर नियमित रूप से नजर आने लगे।

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