All India Students Association की अध्यक्ष नेहा बोरा का एक पुराना वीडियो आया है जिसमें वो ये कहती दिख रही हैं कि मंदिरों में ब्राह्मण महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं, क्योंकि पुजारी मंदिरों में रेप करते हैं। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा का ये वीडियो निकाला। भंडारी ने कहा, नेहा बोरा तो राहुल गांधी की हिंदू-विरोधी राजनीति की नई पोस्टर गर्ल हैं।
नेहा बोरा पिछले कुछ दिन से विपक्ष के आंदोलन का चेहरा रही हैं। उनके इस बयान के जरिये बीजेपी ने पूरे INDIA ब्लॉक को निशाने पर लिया। इसे सनातन आस्था को बदनाम करने की साजिश बताया। नेहा बोरा ने जो कहा, वो शर्मनाक है। विचारधारा कोई भी हो, सारे मंदिरों, सारे पुजारियों को बदनाम करने का प्रयास निंदनीय है।
BJP ने सही सवाल उठाया - क्या नेहा बोरा किसी दूसरे धर्म के बारे में इस तरह की बात कह सकती हैं? किसी और के बारे में बोला होता तो कितना बवाल होता? ऐसे बयान हिंदू समाज में गर्म खून रखने वालों को मौका देते हैं। उन्हें ये पूछने का अवसर मिलता है कि हिंदू ही ये सब क्यों सहते हैं?
ब्राह्मणों के खिलाफ, पुजारियों के खिलाफ, मंदिरों के खिलाफ इस तरह के बयान का कोई समर्थन नहीं कर सकता। लेकिन साथ ही हिंदू समाज को अपना धैर्य भी नहीं छोड़ना चाहिए। धैर्य और संयम बने रहना चाहिए।
नेहा बोरा की बात को शायद इतना महत्व न मिलता, अगर राहुल गांधी ने उन्हें अपने प्रोटेस्ट का चेहरा न बनाया होता, हर बात में उन्हें आगे न किया होता। इसीलिए पुजारियों को बलात्कारी बताने वाले इस बयान से कांग्रेस को काफी Embarrassment हुई है।
बाबा बागेश्वर के यूपी दौरे से परेशान कौन?
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री का तीन साल पुराना एक वीडियो पोस्ट किया और आरोप लगाया कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण और भगवान राम दोनों का अपमान किया है, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
अखिलेश ने जून 2023 का जो वीडियो पोस्ट किया, उसमें धीरेन्द्र शास्त्री ये कहते दिखाई दे रहे हैं कि भगवान राम के पांच पिता थे, लेकिन उन्होंने आगे अपनी पूरी बात को एक्सप्लेन किया। पूरी बात सुनने के बाद आपको समझ आ जाएगा कि आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री ने क्या कहा था और क्यों कहा था।
आचार्य धीरेन्द्र शास्त्री के बयान को लेकर 3 साल पहले भी विवाद हुआ था। धीरेंद्र शास्त्री ने उस वक्त सफाई भी दी थी लेकिन भगवान कृष्ण को लेकर धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर दो दिन से विवाद हो रहा है। इसलिए अखिलेश ने मौके का फायदा उठाकर ये पुराना वीडियो फिर पोस्ट कर दिया।
अखिलेश यादव ने बाबा बागेश्वर के खिलाफ आवाज क्यों उठाई? उन्होंने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को BJP का आदमी क्यों कहा? इसकी वजह पूरी तरह राजनीतिक है। बाबा बागेश्वर ने उत्तर प्रदेश में कथा वाचन का लंबा चौड़ा कार्यक्रम बनाया है। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का प्रवचन सुनने भारी भीड़ आती है।
अखिलेश यादव को लगता है कि रामकथा का फायदा BJP को हो जाएगा, इसलिए वो चाहते हैं कि बाबा बागेश्वर की कथा का कार्यक्रम कैंसल हो जाए।
आपको याद होगा बिहार के चुनाव में भी जब धीरेंद्र शास्त्री कथा करने के लिए गए थे तो, तेजस्वी यादव ने उन्हें रोकने की पूरी कोशिश की थी लेकिन बाबा बागेश्वर जहां गए, लाखों लोग उन्हें सुनने और देखने आए। उत्तर प्रदेश में भी यही होगा और यही बात अखिलेश को परेशान करती है।
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